छत्तीसगढ़

सक्ती में नहीं थम रहा नशे का कारोबार, जनअपील के बाद भी प्रशासन मौन

गांजा, कोरेक्स और नशीली दवाइयों की खुलेआम बिक्री से बढ़ी चिंता, युवा पीढ़ी लगातार हो रही बर्बाद



सक्ती नगर सहित जिले के विभिन्न वार्डों और ग्रामीण क्षेत्रों में गांजा, कोरेक्स सिरप एवं अन्य नशीली दवाइयों का अवैध कारोबार लगातार बढ़ता जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार आवाज उठाए जाने के बावजूद इस गंभीर समस्या पर प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है। इससे आम जनता में भारी नाराजगी और चिंता का माहौल बना हुआ है।

नगर के कई क्षेत्रों में खुलेआम नशीले पदार्थों की बिक्री होने की चर्चाएं आम हो चुकी हैं। युवाओं और स्कूली छात्रों के बीच तेजी से बढ़ती नशे की प्रवृत्ति ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। नशे की वजह से आए दिन लड़ाई-झगड़ा, मारपीट, चाकूबाजी और असामाजिक घटनाओं को अंजाम दिए जाने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं, जिससे शहर का माहौल लगातार बिगड़ता नजर आ रहा है। आम लोगों का कहना है कि नशे के कारण युवा अपराध की ओर बढ़ रहे हैं और छोटी-छोटी बातों पर हिंसक घटनाएं हो रही हैं।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि लगातार समाचार प्रकाशित होने, सोशल मीडिया में मुद्दा उठने और जनप्रतिनिधियों द्वारा अपील किए जाने के बाद भी पुलिस प्रशासन की ओर से कोई बड़ा अभियान या ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते सख्ती नहीं दिखाई गई तो आने वाली युवा पीढ़ी पूरी तरह नशे की गिरफ्त में चली जाएगी।

आम जनता ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि शहर और जिले में चल रहे अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए। संदिग्ध स्थानों पर लगातार छापेमारी कर गांजा, कोरेक्स और नशीली दवाइयों की बिक्री करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि केवल अपील और चर्चाओं से समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि जमीनी स्तर पर सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है।

नागरिकों ने यह भी कहा कि सक्ती जैसे शांत शहर में तेजी से फैलता नशे का जाल समाज के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। यदि प्रशासन समय रहते सक्रिय नहीं हुआ तो इसका खामियाजा पूरे समाज और आने वाली पीढ़ी को भुगतना पड़ सकता है।

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