छत्तीसगढ़

गोमती देवी हॉस्पिटल की चिकित्सा प्रणाली से मां के सूने गोद में गूंजी किलकारियां

बहुत प्रयत्न के बाद नहीं हो रही कोई संतान…तो नि:संतान अवश्य पढ़ें

सक्ती (सक्ती टॉप न्यूज)। कहते हैं माता-पिता के लिए संतान के जन्म से बढ़कर कोई खुशी नहीं होती। विगत 12 वर्षो से हरावती भी कुछ ऐसी ही खुशी पाने की लालसा लिए उम्मीदों के सहारे अपना जीवन बिता रही थी। संतान की किलकारियों के बिना उसका घर-आंगन सूना था। परिवार में सभी बुजुर्गों की एक ही आस थी कि जल्द से जल्द हरावती के आंगन में भी बच्चे की तुतलाती बोली गूंजे और उसका जीवन भी खुशी से खिल उठे। दंपति ने अपने विवाह के 12 वर्षों तक सभी मंदिरों में माथे टेके पर किसी ना किसी कारण उनके घर बच्चे का जन्म नहीं हुआ। आखिरी आस लेकर वे सक्ती में संचालित गोमती देवी हॉस्पिटल पहुंचे, जहां अस्पताल के डायरेक्टर और स्री रोग विशेषज डॉ संजय अग्रवाल के प्रयास और सफल चिकित्सकीय प्रणाली की मदद से हरावती का घर भी बच्चे की किलकारियों से अब गूंजने लगा है।

हरावती ने ‘सक्ती टॉप न्यूज को बताया कि डॉक्टर को भगवान क्यों कहते हैं ? अब उन्हें यह समझ आ गया है। हम तो उम्मीद ही छोड़ चुके थे और ऐसे में हमारे आँगन का सन्नाटा दूर किया गोमती देवी हॉस्पिटल ने। हरावती के मायके और ससुराल में दोनों परिवारों में हर्ष की लहर दौड़ गयी है।

अस्पताल के डायरेक्टर एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय अग्रवाल ने बताया कि अस्पताल में मौजूद सोनोग्राफी समेत अन्य डिजिटल मशीनों के अलावा आधुनिक टेक्नोलॉजी के कारण यहां समुचित उपचार की सुविधा मिलने से अब शहर में ही लोगों का त्वरित इलाज कर पाना मुमकिन हो गया है। अब डिलीवरी आदि के लिए लोगों को अन्यत्र जाने की आवश्यकता नहीं है। एक वर्ष पूर्व से संचालित गोमती देवी अस्पताल में बेहतर सुविधाएं मुहैया होने से लोगों को अब इधर-उधर भटकना नहीं पड़ रहा है।

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