तत्कालीन पटवारी ने फौती काटने के लिए डकार लिए पांच हजार, पीडि़त किसान ने वीडियो जारी कर लगाई न्याय की गुहार

काम पूरा कराने के एवज में आरोपी पटवारी मांग रहा अब और रकम, वीडियो जारी कर पीडि़त किसान ने बताई अपनी व्यथा
सक्ती। फौती काटने के नाम पर किसान से पांच हजार रूपए डकारने के बाद जब तत्कालीन पटवारी का मन नहीं भरा तो काम पूरा कराने के एवज में अब और रकम की डिमांड कर दी। मानसिक रूप से परेशान होकर किसान ने एक वीडियो जारी कर अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए न्याय की गुहार लगाई है।
उक्त मामला सक्ती जिले के ग्राम असौंदा का है, जहां तत्कालीन पटवारी रमेंद्र राठौर ने ग्राम जामपाली निवासी किसान कमलदास महंत से फौती काटने के एवज में पांच हजार रूपये की रिश्वत ले ली। कुछ दिनों के बाद पटवारी का स्थानांतरण हो गया, लेकिन किसान कमलदास का काम अब तक पूरा नहीं हो सका है। जब उक्त किसान ने तत्कालीन पटवारी से इस संबंध में बात की तो उसने और पैसे की मांग कर दी। मानसिक रूप से परेशान होकर किसान कमलदास महंत ने वीडियो जारी कर अपनी फरियाद सुनाई है।
जानकारी के मुताबिक जिले के पटवारी हल्का ग्राम असौंदा में स्थित ग्राम जामपाली के रहने वाले किसान कमलदास महंत पिता राम भरोस दास ने जारी किए वीडियो के माध्यम से बताया है कि वह फौती कटवाने के लिए आठ माह पूर्व तत्कालीन पटवारी रमेंद्र राठौर पटवारी के पास गया था। उसका काम इतना था कि वह उसके पिता के नाम की फौती कटवाना चाह रहा था। कमल दास ने आगे कहा कि जब इस काम के लिए वह पटवारी के पास गया था तब पटवारी ने राशि की मांग की थी तब उसे पांच हजार रूपये दिए गए। इसके कई दिनों बाद भी काम नहीं होने पर कुछ समय बाद फिर कमलदास ने पटवारी को फोन किया तो उसने उसके स्थानांतरण हो जाने की बात कही। किसान ने काम करवाने की बात कही तो उसके साफ तौर पर और पैसे की मांग की और काम नहीं होने की बात कही। किसान का आरोप है कि उसने कहा कि पैसे और दोगे तभी नए पटवारी को बोलकर आपका काम करवाया जाएगा। परेशान गरीब किसान ने बताया कि फौती नहीं काटने से छोटे-छोटे बच्चों की पढ़ाई कार्य एवं खेती संबंधित कार्य में बहुत ज्यादा बढ़ाएं आ रही है इससे परेशान होना पड़ रहा है।
पीडि़त किसान लगा रहा न्याय की गुहार
पीडि़त किसान कमलदास महंत ने जिले के उच्चाधिकारियों से गुहार लगाई है कि ऐसे पटवारी के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही उसके रूके काम को आगे बढ़ाने की मांग भी की है। उसका काम नहीं होने के कारण वह और उसका परिवार मानसिक रूप से परेशान है। विदित हो कि जिस पटवारी पर आरोप लगा है वह अभी बाराद्वार तहसील में पदस्थ है। अब यह देखना लाजमी है कि ऐसे पटवारी पर क्या एक्शन लिया जाता है।




