नगर पालिका की लापरवाही वार्डवासियों के लिए पड़ गई भारी…नालियां चोक होने से सडक़ें और गलियां गंदे पानी से हुई जलमग्न…बारिश ने खोली नगरपालिका की पोल

सक्ती। नगर पालिका ने बरसात से पहले शहर में नालियों की सफाई का दावा तो ठोक दिया, लेकिन वार्डों की नालियां अब भी गंदगी से अटी पड़ी हैं। दो दिनों से रूक रूक कर रही बारिश ने इन नालियों की सफाई की पोल खोल कर रख दी है। कई जगह नालियों में अटी गंदगी पानी भरने के बाद सडक़ पर उतर आई। नगर पालिका की लापरवाही वार्डवासियों के लिए भारी पड़ गई है। नालियां चोक होने से सडक़ें और गलियां जलमग्न हो गईं हैं।
जनप्रतिनिधियों की लापरवाही, संक्रमण का खतरा
नवगठित सक्ती जिले के विभिन्न वार्डों में नालियों का निर्माण तो कर दिया गया है, लेकिन नाली के ऊपर पक्के चबूतरा बनाकर ढंक दिए जाने से नगर पालिका के कर्मचारियों को इनकी सफाई करने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। झमाझम बारिश के बाद अब जहां जिले के विभिन्न वार्डों में जगह जगह जलजमाव होने से राहगीरों को आने जाने में परेशानी हो रही है, वहीं नालियों का गंदा पानी अब वार्डों की गलियों में बहने लगा है, जिससे उठ रही बदबू से वार्डवासी परेशान हैं।
नगर के सबसे प्रमुख मार्ग गौरव पथ की बात करें तो इसका और भी बुरा हाल है। यहां नालियों का गंदा पानी सडक़ों पर बहने से गंदगी तो फैल ही रही है, साथ ही संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। नगर के जनप्रतिनिधियों की लापरवाही के कारण इसका खामियाजा अब इस मार्ग से गुजरने वालों को उठाना पड़ रहा है।
वार्ड क्र. 7 का और भी बुरा हाल
नगर पालिका के वार्ड क्र. 7 का तो और भी बुरा हाल है। विधायक प्रतिनिधि आनंद अग्रवाल की धर्मपत्नी रिंकू अग्रवाल के इस वार्ड में नालियों को पक्के चबूतरे से ढंक जाने दिए जाने के कारण भारी बारिश के बाद इन नालियों से गंदा पानी वार्ड की गलियों और सडक़ों पर प्रवाहित हो रहा है, जिसे देखकर नगरवासी यह कहने से नहीं चूक रहे हैं कि वार्ड के जनप्रतिनिधि को वार्डवासियों के जनहितैषी कार्यों से अब कोई सरोकार नहीं रहा। यदि समय रहते नालियों की सफाई पर ध्यान दिया गया होता तो शायद नालियों का गंदा पानी आज सडक़ों पर प्रवाहित नहीं होता।
आखिर जिम्मेदार कौन?
लोगों का कहना है कि नाली जाम होने से ही गंदे पानी के सडक़ों पर बहने की नौबत आई है। गंदा पानी घरों में भी घुसने लगा है, जिससे वार्डवासियों में आक्रोश व्याप्त होने लगा है। वार्ड के नागरिकों का कहना है कि कई बार जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। यहां उठने वाली दुर्गंध से लोग ज्यादा परेशान हो रहे हैं। वे अपने घरों के भीतर रहें या बाहर, यहां उठ रही दुर्गंध से उनका बुरा हाल हो गया है। गंदा पानी सडक़ पर बहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। संक्रामक बीमारी फैलने का भय बना हुआ है। इस मार्ग से गुजरने वाले दो पहिया वाहन चालकों, बच्चों व बुजुर्गों के नाली के पानी में फिसलकर गिरने से चोटिल होने की संभावना बनी हुई है, आखिर इसका जिम्मेदार कौन है? नाली का पानी सडक़ पर बहने के कारण कहीं-कहीं गड्ढ़ा भी हो गया है, जिसमें पानी भरे होने से रात के वक्त आने जाने वाले राहगीरों के लिए दुर्घटना का भय बना रहता है। वार्डवासियों का कहना है कि शीघ्र ही समस्या का समाधान हो सकेगा या नहीं, यह कहना काफी मुश्किल है, इसका तो अब भगवान ही मालिक है।




