दिव्यांग युवक-युवतियों के विवाह का सपना होगा साकार, दो दिवसीय सामूहिक विवाह कार्यक्रम 7 मार्च से
सक्ती। दिव्यांग विवाह समारोह समिति द्वारा दिव्यांग और अभावग्रस्त दंपतियों के जीवन में उजाला लाने का सार्थक प्रयास किया जा रहा है। समिति द्वारा सक्ती शहर की हटरी धर्मशाला में दिव्यांग युवक-युवतियों का दो दिवसीय सामूहिक विवाह कार्यक्रम 7 मार्च से प्रारंभ होगा। इसमें दिव्यांग और अभावग्रस्त जोड़े परिणय सूत्र में बंधकर एक नई जिंदगी की शुरुआत करेंगे। सामूहिक विवाह समारोह में जीवन साथी बनने वाले ये जोड़े दहेज प्रथा के उन्मूलन के लिए भी प्रतिज्ञा लेंगे।
विवाह समारोह बेहद शानदार तरीके से आयोजित किया जाएगा, जहां दिव्यांग जोड़ों के सपनों को साकार करेगी दिव्यांग विवाह समारोह समिति, जिसके द्वारा इन दिव्यांगों की शादी को उनके जीवन का एक यादगार अनुभव बनाने के लिहाज से कार्यक्रम स्थल में व्यापक तौर पर इंतजाम किए गए हैं।
सामूहिक विवाह समारोह के दौरान वे सभी महत्वपूर्ण संस्कार पूरे किए जाएंगे, जिनका पालन आमतौर पर भारतीय विवाह समारोहों में किया जाता है। इस दौरान सब कुछ बड़े पैमाने पर होगा- जैसे वीडियोग्राफी, शादी के फोटो शूट, संगीत के साथ बारात का नाच-गाना, वगैरह। समारोह के दौरान सभी नवयुगलों को घरेलू सामान, स्टील के बर्तन, आभूषण, साडिय़ां दिव्यांग समिति एवं अतिथियों द्वारा उपहार स्वरूप प्रदान किये जाएंगे।
पहले दिन रात्रि 7 बजे मेंहदी रस्म एवं दूसरे दिन 8 मार्च 2024 दिन- शुक्रवार को सुबह 10 बजे निकासी एवं पाणिग्रहण कार्यक्रम दोपहर 12:30 बजे से प्रारंभ होगा। दोपहर 1 बजे से आशीर्वाद समारोह का कार्यक्रम रखा गया है। कार्यक्रम के संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए गोविंद राम कथूरिया मोबाइल-9301233234, सन्तोष निगानिया मोबाइल-08319111850, सुरेंद्र अग्रवाल (गुड्डू) मोबाइल 6263079724, अजय अग्रवाल (अज्जू) के मोबाइल 8770133997 पर संपर्क किया जा सकता है।
गौरतलब रहे कि दिव्यांग लोगों के लिए अपना घर बसाना वाकई एक बहुत बड़ी चुनौती होती है। वित्तीय बाधाओं और शारीरिक कठिनाइयों के कारण शादी करना उनके लिए बहुत मुश्किल लगता है। ऐसे में हम सबकी सामाजिक जिम्मेदारी बनती है कि सभी जोड़ों की जरूरतों को पूरा करें और उन्हें किसी भी अन्य जोड़े की तरह सामान्य जीवन जीने का उपाय पेश करें। उक्त कार्यक्रम में इच्छुक व्यक्ति दिव्यांग जोड़ों को उपहार प्रदान कर सहभागी बन सकते हैं।




