छत्तीसगढ़

सतरंगी फाल्गुण का मेला आ गया, हो जाओ तैयार, बुला रहा है सावरा, खाटू के दरबार… सावरे के दीवानों की टोली रवाना श्याम बाबा के सतरंगी लक्खी फाल्गुन मेले के लिए खाटूधाम रवाना….

 सक्ती/रायगढ़/बिलासपुर। ना म्हारो पीहर, ना म्हारो सासरो, बस म्हारो श्री श्याम धनी का आसरो तथा सतरंगी फाल्गुण का मेला आ गया, हो जाओ तैयार, बुला रहा है सावरा, खाटू के दरबार आदि गगन चुंबी जयकारों के साथ सक्ती, बिलासपुर, रायगढ़, अंबिकापुर, कटघोरा समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे श्याम के दीवानों का जत्था उसलापुर से दुर्ग-अजमेर ट्रेन में सवार होकर निशान अर्पण करने खाटू धाम रवाना हुआ। इस दौरान ट्रेन की बोगी को दुल्हन की तरह सजाकर बाबा का भव्य दरबार लगाया गया। इसके अलावा बोगी के चारों तरफ श्याम बाबा के श्लोगनों से युक्त पट्किाएं भी लगाई गई हैं।

ट्रेन में सजाये गये भव्य दरबार के संबंध में श्याम प्रेमियों ने बताया कि यहां सुबह-शाम पूजा व आरती हो रही है। मूर्ति के सामने अखंड ज्योत प्रज्वजलित किया गया है। खास बात ये है कि यह निशान कहीं पर भी नहीं रूकने वाला। यह खाटू श्याम मंदिर जाकर ही रुकेगा। सभी यात्री खाटू मेले में शामिल होने के बाद निशान बाबा को अर्पित करेंगे। भक्त खाटू पहुंचने के बाद दिन भर कीर्तन भजन करेंगे फिर खाटू से रवाना होंगे। इस जत्थे में लगभग 200 श्याम प्रेमी शामिल हैं।

ट्रेन में बाबा श्याम का दरबार काफी आकर्षक तरीके से सजाया गया है। जो भक्त खाटू नहीं जा सके वे इस ट्रेन के रूकने पर विभिन्न स्टेशनों में बाबा के दर्शन कर सकते हैं। ज्ञात रहे कि इस वर्ष 17 से 22 मार्च तक सांवरों के दीवानों के लिए सतरंगी लक्खा फागुन मेले का आयोजन किया गया है। इस वर्ष भी लाखों नर-नारी श्री श्याम बाबा के मंगल दर्शन कर निशान अर्पण करेंगे।

दुर्ग-अजमेर ट्रेन से रवाना 200 लोगों के जत्थे में विक्की अग्रवाल (बिलासपुर),विदेशी अग्रवाल (सक्ती), मुकेश अग्रवाल (कटघोरा), अमन अग्रवाल (रायगढ़), भरत (कटघोरा), दीपक (रायगढ़), अमित, सचिन, अंशुल, प्रदीप कटघोरा, रायगढ़, सक्ती, अंबिकापुर, बिलासपुर, कटघोरा, कोरबा, सूरजपुर, तखतपुर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों के श्याम प्रेमी शामिल हैं, जो खाटू धाम पहुंचकर 19 मार्च को निशान अर्पण करेंगे।

गौरतलब रहे कि खाटू श्यान बाबा को चढ़ाए जाने वाला निशान केसरिया, नारंगी और लाल रंग का होता है. इस पर बाबा श्याम, भगवान श्री कृष्ण और मोर पंख की फोटो होती है. कहा जाता है कि बाबा को ये निशान चढ़ाने से भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं. वहीं, कुछ लोग इच्छा पूरी होने के बाद बाबा को निशान चढ़ाते हैं.

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