छत्तीसगढ़

नगर के युवाओं का ऐसा जुनून कि गौसेवा करके ही मिलता है सुकून…गौवंश के संवर्धन और संरक्षण का नि:स्वार्थ भाव से अभिनव प्रयास कर रहे गौ सेवक

अस्थायी सेल्टर बनाकर किया जा रहा घायल गोवंश का उपचार

सक्ती। ‘गौ सेवा से बढक़र कोई सेवा नहीं…’ गौ सेवा सबसे बड़ी सेवा मानी जाती है। हिंदू धर्म में गाय को बेहद पूजनीय माना जाता है। गाय का दूध अमृततुल्य माना गया है, लेकिन वक्त के साथ बहुत कुछ बदला है। आज गोवंश सडक़ों पर बेसहारा घूम रहे हैं। गोवंश दयनीय हालत में हैं बावजूद इसके आज भी ऐसे कुछ लोग हैं जो गायों की सेवा में खुद को समर्पित किए हुए हैं।

हम बात कर रहे हैं नगर के गौसेवक मयंक सिंह ठाकुर की, जिनकी गौ सेवा किसी से छिपी नहीं है। गौवंश के संवर्धन और संरक्षण के लिए युवा पीढ़ी को जागरूक करने और उनकी रुचि इस ओर जगाने के लिए उनके द्वारा जहां निरंतर प्रयास किया जा रहा है, वहीं इनके मार्गदर्शन में अन्य गौ सेवकों ने अस्थायी सेल्टर बनाकर गंभीर रूप से घायल गौ वंश का उपचार करने और उनकी देखभाल करने का भी बीड़ा उठा लिया है।

नगर के हनुमान गेट के पास गौ सेवक मयंक सिंह ठाकुर के निवास के निकट 10 से अधिक जख्मी गौ वंशों को गंभीर हालत में लाकर उचित उपचार प्रदान किया जा रहा है, साथ ही उनकी देखभाल कर उन्हें नया जीवन देने का हरसंभव प्रयास जारी है। विगत दिनों ट्रेन की चपेट में आकर गंभीर रूप से गायल गौ माताओं को सेल्टर लाया गया है, जहां युवा गौ सेवकों के द्वारा नि:स्वार्थ भाव से उनकी सेवा की जा रही है। ऐसे गोवंश जो खड़े नही हो पा रहे और बैठ भी नही पा रहे, स्वयं से चारा भी नहीं खा पा रहे, नन्हे नन्हे गौ सेवक अपने हाथों से इन्हें चारा खिला रहे हैं।

गौ सेवकों का कहना है कि हर एक गौवंश कीमती है, पूजनीय है। पशु पालक उन्हे सडक़ों पर छोडऩे की बजाय समय-समय पर उनकी देखरेख करते रहेें। गौ सेवकों ने नगरवासियों से अपील की है कि जख्मी गौ वंशो की गौ सेवकों को सूचना देकर गौ माताओं की रक्षा करे। मो. नंबर 7974472444 पर संपर्क का गौ सेवा समिति की यथासंभव सहयता कर सकते है। बीते दिनों एक गोवंश को रेस्क्यू कर सेल्टर में लाया गया है। इस गोवंश के सिंग में कैंसर की समस्या है। इसे ध्यान में रखते हुए पूरी तरह गोवंश का उचित उपचार कराया जा रहा है।

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