गौ सेवा समिति बाराद्वार की नेक पहल : घायल गायों के उपचार के बाद देखभाल और अब बढ़ती गर्मी में बेजुबान पशुओं के पेयजल हेतु 40 कोटना की व्यवस्था

गौमाता की सेवा से बढ़कर कोई सेवा नहीं : गौ सेवा समिति
सक्ती/बाराद्वार। गर्मी के दिनों में पशुओं के पीने के पानी की सुगम व्यवस्था हो, इसके लिये गौ सेवा समिति, बाराद्वार के द्वारा नगर में 40 कोटना की व्यवस्था की गई है, ताकि बेजुबान पशुओं (गाय,भैंस,बकरी,कुत्ता आदि) को आसानी से पेयजल मिल सके और उनकी प्यास बुझ सके। नगर की गौ सेवा समिति के युवाओं ने मिल जुलकर बेजुबान, बेसहारा पशुओं की प्यास बुझाने भरी गर्मी में एक नेक पहल की है। इन युवाओं द्वारा मिलकर विभिन्न स्थानों में लगभग 40 कोटना लगाकर उनमें पानी भरा जा रहा है। सभी पशु यहां आकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं। इन युवाओं ने लोगों से भी समय-समय खाली कोटना में पानी भरने की अपील की है ताकि इन बेजुबान पशुओं की प्यास बुझ सके।
दुर्घटना की शिकार व बीमार गौवंश की चिकित्सा संबंधी समस्या का समाधान हो या गौवंश की चिकित्सा व स्वस्थ होने के बाद उसके आवास और चारे की व्यवस्था का प्रश्न हो, हर स्थिति में गौसेवा समिति, सक्ती (बाराद्वार) अग्रणी रही है। गौ सेवा से बढ़कर कोई सेवा नहीं इसे चरितार्थ करने में जुटे हुए हैं गौ सेवा समिति बाराद्वार के सदस्य।
वाहन दुर्घटना या अन्य कारण से अक्सर सड़कों, गलियों में गाय, बछड़े आदि घायल हो जाते हैं। कई बार उपचार के अभाव में कई गायों की मौत भी हो जाती है लेकिन नगर की गौसेवा समिति ने ऐसे ही घायल गौवंश की सेवा का बीड़ा उठाया है। समिति के लोग कहीं भी गौवंश घायल होने की सूचना मिलने पर तुरंत पहुंचते हैं। गौ सेवा समिति के सदस्यों का मानना है कि गौमाता की सेवा से बढ़कर कोई सेवा नहीं है।




