छत्तीसगढ़

राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग की हुई बैठक, जामुन एवं सीताफल के पौधों का किया गया रोपण ; अधिकाधिक पौधे लगाकर संरक्षित करने का लिया गया निर्णय

बढ़ते तापमान की विभीषिका से बचाव का एकमात्र विकल्प वृक्षारोपण : अधिवक्ता चितरंजय पटेल

सक्ती। राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग,जिला सक्ती की घनश्याम वाटिका में आवश्यक बैठक आयोजित की गई जिसमें वर्षा ऋतु में वृहद वृक्षारोपण करने का निर्णय लिया गया। इस संबध में शासन-प्रशासन के परस्पर सहयोग के साथ पर्यावरण संतुलन को लेकर सार्थक प्रयास के साथ फलदार एवं छायादार पेड़ लगाने का निर्णय लिया गया। साथ ही अंचल में एकमात्र दृष्टिबाधित स्कूल में 13 जुलाई को शाला प्रवेशोत्सव के कार्यक्रम में शामिल होकर बच्चों का उत्साहवर्धन करना तय हुआ वहीं मुख्य अतिथि द्वारा सदस्यता अभियान के साथ आई डी नवीनीकरण हेतु त्वरित पहल करने हेतु निर्देशित किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अधिवक्ता चित्तरंजन पटेल ने कहा कि बढ़ते तापमान की विभीषिका से बचाव का एकमात्र विकल्प वृक्षारोपण है। उन्होंने आयोग के सदस्यों से वर्षा ऋतुु में अधिकाधिक पौधे लगाकर उसका संरक्षण सुनिश्चित करने का आग्रह किया।तदपश्चात सभी पदाधिकारियों ने घनश्याम वाटिका में फलदार जामुन एवं सीताफल के पौधे का रोपण किया। पश्चात घनश्याम वाटिका में फले स्वादिष्ट जामुन का आनंद लिया।

इन पलों में जिलाध्यक्ष महेंद्र बरेठ , महिला अध्यक्ष कांता यादव, अनीता पटेल, मांडवी साहू , गीता देवांगन, भुनेश्वरी गबेल, मीडिया प्रभारी योम लहरे, उदय मधुकर, रेवतीनंदन पटेल, फागु लाल कुर्रे आदि पदाधिकारियों की गरिमामय उपस्थिति रही।

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