छत्तीसगढ़

नवरात्र पर्व पर सक्तीवासियों को नगर पालिका का ‘गिफ्ट’ कहीं बन न जाए ‘नासूर’ : स्ट्रीट लाइट खराब, अंधेरा बरकरार

जगह-जगह अंधेरा होने से देवी मंदिरों तक पहुंच रहे श्रद्धालुओं की भावनाओं को पहुंच रही ठेंस, नगर पालिका की उदासीनता से नगरवासियों में रोष

सक्ती। नवरात्र पर्व के अवसर पर जहां देवी मंदिरों में पूजा-आराधना, भजन-कीर्तन का दौर शुरू हो चुका है, देवी दर्शन के लिए अलसुबह से देर रात तक मंदिरोंं में भीड़ उमड़ रही है, वहीं नगर पालिका द्वारा सक्तीनगर के निवासियों को नवरात्र पर्व के अवसर पर दी गई ‘गिफ्ट’ के नासूर बनने की संभावना बढ़ गई है। जगह-जगह खराब स्ट्रीट लाइटों ने जहां नवरात्र का मजा किरकिरा कर दिया है, वहीं नगर पालिका का उदासीनता से सिद्ध हो गया है कि पर्व-त्योहार के अवसर पर जनता की भावनाओं से पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों को अब कोई सरोकार नहीं रहा।

नवरात्र पर्व के पावन अवसर पर नगर पालिका का उदासीन रवैया अब किसी से छिपा नहीं है। जानकारी के अनुसार सक्तीनगर में अधिकांश स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं।स्ट्रीट लाइट का मेंटेनेंस और बिजली बिल की जिम्मेदारी भी नगर पालिका की तय की गई है, लेकिन नगर पालिका के अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं। पर्व-त्योहार से पूर्व इनकी मरम्मत की जानी चाहिए, इसमें सुधार कार्य किया जाना चाहिए, ताकि आने जाने वाले राहगीरों को परेशानी न हो। सब कुछ जानते-समझते हुए भी नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अब तक इसमें कोई सुधार कार्य नहीं किए जाने से जगह-जगह अंधेरा कायम है। नगर का चाहे हटरी चौक हो या गौरव पथ हो, चौपाटी, मुख्य मार्ग या स्टेशन रोड हो, सभी जगह स्ट्रीट लाइट खराब होने से आने जाने वाले राहगीरों के अलावा देवी मंदिरों तक पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। अंधेरा होने से वारदात का डर बना रहता है. दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ा है। प्रकाश पर्व के आरंभ काल में ही नगर पालिका का रवैया इतना उदासीन है तो दीप पर्व के अवसर पर क्या हाल होगा? इसका अनुमान लगाना काफी सहज है।नगर के सभी देवी मंदिरों में जहां ज्योतिकलश प्रज्जवलित किए गए हैं, वहीं प्रकाश पर्व दीपावली भी काफी करीब है, बावजूद इसके बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को उसी हाल में छोड़ दिए जाने से नगरवासियों में काफी रोष व्याप्त हो गया है।

देखना होगा कि आखिरकार कब तक नगरवासियों को स्ट्रीट लाइट के खराब होने से अंधेरे के कारण हो रही परेशानियों से निजात मिल पाती है? यदि समय रहते जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इस दिशा में कोई ठोस उपाय नहीं किए गए तो नगर पालिका द्वारा सक्तीवासियों को दिए गए इस अनमोल ‘गिफ्ट’ के जल्द ‘नासूर’ बनने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

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