छत्तीसगढ़

पैसा सब कुछ नहीं होता लेकिन बहुत कुछ होता है : डॉ. ममता भोजवानी

राष्ट्रीय आर्थिक जागरूकता दिवस के उपलक्ष्य में विधिक एवं जागरूकता शिविर का हुआ आयोजन

सक्ती। किसी भी विवाद की जड़ अधिकांश आर्थिक मामलों से उत्पन्न होती है। इसे गंभीरता से लेना चाहिए। पैसा सब कुछ नहीं होता लेकिन बहुत कुछ होता है। उक्त विचार नगर पालिका परिषद सक्ती के सभागार में आयोजित राष्ट्रीय आर्थिक जागरूकता दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित विधिक एवं जागरूकता शिविर के अवसर पर तालुका विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष एवँ प्रथम अपर न्यायाधीश डॉ ममता भोजवानी ने कही।

श्रीमती डॉक्टर भोजवानी ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश एवं तालुका विधिक सेवा समिति द्वारा इस आयोजन से लोगों को यह बताने की आवश्यकता है धारा 138 पराक्रम में लिखत अधिनियम के अंतर्गत यदि आप किसी को देनदारी में चूक करते हैं इसके परिणाम गंभीर होते हैं तथा प्राथमिक तौर पर न्यायालय किसे दोषी मानकर चलती है? मोबाइल में आजकल इस प्रकार के अपराध होते हैं जिसमें फ्रॉड कंपनियों द्वारा मोबाइल में गलत मैसेज भेज कर आपके बैंक खाते पर डाका डाला जाता है इसलिए हर मैसेज को सावधानी से अवलोकन करें। इस घटना में पढ़े-लिखे लोग भी कभी कभार ऐसे धोखाधड़ी में फंस जाते हैं। विधि प्राधिकरण ने व्यवस्था दी है कि यदि अनुसूचित जाति जनजाति समाज का सताया हुआ कमजोर व्यक्ति जिसकी आय 150000 रुपये से कम हो, उसे न्यायालय विधिक सहायता प्रदान करती है तथा किसी भी मामलों में नि:शुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराती है।

उन्होंने कहा कि जन्म से मृत्यु तक हम किसी न किसी कानून से बंधे होते हैं और उन कानून का पालन करना आवश्यक होता है। कानून का पालन करने पर जीवन यापन करने में कोई परेशानी नहीं आती जबकि कानून का उल्लंघन करने पर कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

मुख्य न्यायाधीश मजिस्ट्रेट श्रीमती गंगा पटेल ने शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि आजकल चेक के मामले प्रकाश में आते हैं। कोई भी व्यक्ति किसी दिन चेक जारी कर देता है और उसके संबंधित बैंक खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण चेक का अनाधारण होता है और उसके पश्चात न्यायालयीन प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ता है इसलिए किसी भी व्यक्ति को चेक जारी करते समय इस बात का ध्यान रखें कि या तो अपने खाते में पर्याप्त राशि रखें या समय से पहले चेक को उपयुक्त राशि भुगतान कर वापस ले लें अन्यथा इसमें 2 साल की सजा एवं दुगुनी राशि भुगतान करने का प्रावधान है इससे बचने के लिए सबको सावधानी बरतनी चाहिए। अनावश्यक किसी को चेक हस्ताक्षर कर नहीं देना चाहिए।

मुख्य नगर पालिका अधिकारी संजय सिंह ने कहा कि न्यायालय द्वारा नगर पालिका के कर्मचारियों को जो कानून के बारे में जानकारी प्रदान की गई है निश्चित रूप से उनके लिए उपयोगी होगा। अब आगे उसका पालन भी करेंगे। कार्यक्रम में पूर्व नगर पालिका परिषद शक्ति द्वारा उपस्थित न्यायाधीशों का पुष्प गुच्छ से स्वागत किया गया। कार्यक्रम का संचालन अधिवक्ता गिरधर जायसवाल ने किया। कार्यक्रम में न्यायाधीशों के अलावा मुख्य नगर पालिका अधिकारी संजय सिंह, इब्राहिम खान, विकास विश्वकर्मा, दिल बाई खूंटे, पैरालीगल वलिटीयर मनीष साहू, नन्द किशोर सोनवानी सहित नगर पालिका परिषद सक्ती के कर्मचारियों एवँ अधिकारियों की उपस्थिति रही।

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