छत्तीसगढ़

हिंदी दिवस : शासकीय उमावि नंदौरकला में विधिक जागरूकता शिविर का हुआ आयोजन, हिन्दी की महत्ता पर डाला गया प्रकाश

सक्ती (नंदौरकला)। हिंदी दिवस के अवसर पर शासकीय उमावि नंदौरकला में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें प्रथम अपर जिला न्यायाधीश एवं द्वितीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।
कार्यक्रम में सर्वप्रथम स्कूल की छात्राओं द्वारा पुष्प गुच्छ से अतिथियों का स्वागत किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रथम अपर जिला न्यायाधीश प्रशांत कुमार शिवहरे ने कहा कि हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। यह दिन हिंदी भाषा को समर्पित है इसका उद्देश्य हिंदी के प्रति लोगों को जागरूक करना और इसके प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देना है। 1949 में इसी दिन भारतीय संविधान सभा ने हिंदी को भारत की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था सभी छात्र-छात्राओं को न्यूज़पेपर पढऩे की सलाह दी और अपने जीवन में क्या कब क्यों कैसे कहां शामिल करने को कहा।

द्वितीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश बी आर साहू ने हिंदी दिवस पर जानकारी देते हुए बताया कि आजकल हमारी हर तरह की कागजी कार्यवाही में हिंदी भाषा का ही प्रयोग किया जाता है। हिंदी हमारी मातृभाषा है और आज हर कोई इसी भाषा के आधार पर अपना व्यक्तव्य रखता है। साथ ही मोटर व्हीकल अधिनियम के बारे में छात्रों को जानकारी देते हुए बताया कि यह भारत का एक प्रमुख कानून है इसका मुख्य उद्देश्य सडक़ सुरक्षा को बढ़ावा देना, दुर्घटनाओं को रोकना और यातायात नियमों के उल्लंघन के मामलों में कार्रवाई करना है। मंच संचालन हरीश कुमार दुबे, आभार एस तिर्की (प्राचार्य) ने किया। इस दौरान प्रभारी प्राचार्य आर पी एस कंवर सहित सभी शिक्षक समस्त स्टाफ एवं पैरा लीगल वालंटियर मनीष कुमार साहू उपस्थित रहे।

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