
सक्ती। ”इस दुनिया में कुछ सच हो न हो, लेकिन एक सच यह जरूर है कि जिस इंसान ने इस धरती पर जन्म लिया है, उसे एक दिन मृत्यु की गोद में सोना है। लेकिन जब अपने प्रिय कोई इस दुनिया को छोड़कर चले जाते हैं तो उनकी कमी जिंदगी भर महसूस होती रहती है। यह दु:ख की एक ऐसी घड़ी होती है, जिसमें परिवार और खुद पर धीरज रखने की आवश्यकता होती है।”
कांग्रेस नेत्री, समाज सेविका एवं डॉ. जयपाल सिंह की धर्मपत्नी रश्मि सिंह का बीती रात्रि 8 बजे दुखद निधन हो गया। उनके निधन से जिले में शोक की लहर दौड़ गई। वे सरल स्वभाव की धनी होने के साथ साथ मृदुभाषी भी थीं। उनके निधन की खबर मिलते ही उनके निवास स्थान पर बड़ी संख्या में समाज के लोगों और उनके शुभचिंतकों की भीड़ उनके अंतिम दर्शन के लिए जुटी।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत एवं सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत ने उनके निधन पर गहरी शोक संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि यह अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती है। विभिन्न समाज के नेताओं व समाजसेवियों ने उनके आवास पर पहुंचकर परिजनों को ढांढ़स बंधाया।




