छत्तीसगढ़

पवित्र तीर्थस्थल नगरी शिवरीनारायण की पावन धरा में 8 से 15 नवंबर तक सामूहिक अष्टोत्तर सहस्त्र (1008 भागवत) श्रीमद् भागवत कथा भक्ति महोत्सव का होगा आयोजन

सवा करोड़ शिवलिंग निर्माण एवं अभिषेक, 108 जोड़ों के साथ तुलसी शालिग्राम विवाह एवं एकादशी उद्यापन, 10 महाविद्या प्रयोग एवं 18 पुराणों का पारायण कार्यक्रम, परा शक्ति ज्योतिष पीठम परिवार शक्ति के महामंडलेश्वर अमृतानंद सरस्वती भरत जी महाराज के सानिध्य में होंगे कार्यक्रम

सक्ती। छत्तीसगढ़ प्रदेश की पावन धारा, माता शबरी की नगरी शिवरीनारायण में महानदी के तट पर आगामी 8 नवंबर से 14 नवंबर तक भव्य धार्मिक आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम का आयोजन शक्ति की प्रतिष्ठित धार्मिक संस्था पराशक्ति ज्योतिष पीठम परिवार द्वारा किया जा रहा है। जन सहयोग से आयोजित इस सामूहिक कार्यक्रम में परम पूज्य महामंडलेश्वर अमृतानंद सरस्वती (भरत जी महाराज) के सानिध्य में समस्त कार्यक्रम का आयोजन होगा। यह पहला अवसर होगा जब छत्तीसगढ़ की इस पुनीत पवित्र धरा पर भव्य और विशाल धार्मिक आयोजन एक साथ संपन्न होगा।

उपरोक्त कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जहां महामंडलेश्वर अमृतानंद सरस्वती जी महाराज ने सभी श्रद्धालु भक्तों को इस कार्यक्रम में शामिल होने का आग्रह किया है। 8 नवंबर से प्रारंभ होने वाले इस आयोजन में जहां 12 एवं 13 नवंबर को तुलसी शालिग्राम विवाह एवं एकादशी उद्यापन का कार्यक्रम होगा। इस कार्यक्रम के लिए 21000/-रुपये की सहयोग राशि रखी गई है।

आयोजक संस्था द्वारा तुलसी शालिग्राम एकादशी उद्यापन एवं एक भागवत पारायण कथा में संयुक्त रूप से शामिल होने पर इसके लिए 31000/-रुपए की राशि रखी गई है तथा श्रद्धालु दोनों ही धार्मिक कार्यक्रमों की पूजा में संयुक्त व्यवस्था का भी लाभ ले सकते हैं, वहीं 8 नवंबर से 15 नवंबर तक होने वाले कार्यक्रमों में प्रमुख रूप से 11000 शिवलिंग निर्माण एवं रुद्राभिषेक के लिए सहयोग राशि 11000/- रुपये रखी गई है, जिसमें प्रति शिवलिंग एक रुपए के अनुसार निर्माण शुल्क तथा न्यूनतम 11000 शिवलिंग का निर्माण प्रति श्रद्धालु द्वारा पूजा के रूप में किया जा सकेगा, वहीं अष्टोत्तर सहस्त्र (1000 भागवत) श्रीमद् भागवत कथा भक्ति महोत्सव के लिए 21000/-रुपये सहयोग शुल्क निर्धारित किया गया है, जिसमें प्रधान यजमान बनने हेतु आचार्य जी से मो. नं. 9300108901 पर संपर्क किया जा सकता है।

पुराणों के पारायण हेतु 51000/-रुपये प्रति पुराण सहयोग शुल्क निर्धारित है तथा पुराणों के यजमान बनने पर एक पुराण का परायण एवं एक भागवत पारायण यजमान के नाम पर होगा। उपरोक्त आयोजन में तुलसी शालिग्राम विवाह एवं एकादशी उद्यापन में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए दो दिन की आवास की संपूर्ण व्यवस्था की जाएगी तथा श्रीमद् भागवत कथा में शामिल होने वाले यजमानों के लिए 8 नवंबर से 14 नवंबर तक आवास की संपूर्ण व्यवस्था रहेगी एवं शिवलिंग का निर्माण प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक होगा। 1100 शालिग्राम का प्रतिदिन अभिषेक का कार्यक्रम होगा एवं अभिषेक किया हुआ श्री शालिग्राम जी सभी यजमानों को प्रसाद के रूप में नि:शुल्क दिया जाएगा एवं प्रतिदिन पूजा सुबह 9 से 11 बजे तक संपन्न होगी। श्रीमद् भागवत कथा का समय दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक होगा।

उपरोक्त समस्त कार्यक्रमों का आयोजन पराशक्ति ज्योतिष पीठम परिवार द्वारा सामूहिक रूप से किया जाएगा। इस आयोजन के दौरान पांच भागवत परायण एवं एक पुराण के लिए 1,01,000 एक लाख एक हजार रुपए सहयोग शुल्क रखा गया है तथा 11 भागवत एवं एक पुराण पारायण के लिए 2,01,000 दो लाख एक हजार रुपये का सहयोग शुल्क निर्धारित है।

धर्म नगरी शिवरीनारायण की पावन धरा में होने जा रहे इस भव्य धार्मिक आयोजन को लेकर जहां सामूहिक रूप से विभिन्न समितियो का गठन किया जाएगा तो वहीं शिवरीनारायण सहित अन्य शहरों के धर्म प्रेमियों के सहयोग से यह कार्यक्रम संपन्न होगा।

उपरोक्त आयोजन में होने जा रहे 10 महाविद्या के प्रयोग संबंध में परम पूज्य महामंडलेश्वर अमृतानंद सरस्वती जी भरत महाराज ने बताया कि इस 10 महाविद्या का प्रयोग अपने आप में एक महत्वपूर्ण है, जिसमें 10 महाविद्याओं में काली प्रयोग-संकटों के निवारण हेतु, तारा देवी प्रयोग- शत्रुओं पर विजय प्राप्ति हेतु, भैरवी प्रयोग- बाधाओं से मुक्ति हेतु,भुवनेश्वरी देवी प्रयोग-पारिवारिक सुख शांति हेतु,मां छिन्नमस्ता प्रयोग, मां त्रिपुर सुंदरी महालक्ष्मी प्रयोग- व्यापार दृष्टि एवं लक्ष्मी प्राप्ति हेतु, मां बगलामुखी प्रयोग- सर्वत्र यश- लाभ- विजय प्राप्ति हेतु, मातरंगी प्रयोग- गृहस्थ जीवन को सुखमय बनाने हेतु, कमला प्रयोग- अष्ट लक्ष्मी की प्रसन्नता हेतु एवं दुर्गा देवी प्रयोग- सभी प्रकार के कल्याण हेतु किया जाता है। महामंडलेश्वर अमृतानंद सरस्वती जी महाराज ने बताया कि 18 पुराणों का पारायण भी इस श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान भक्ति महोत्सव कार्यक्रम में होगा जिसमें 18 पुराणों में प्रमुख रूप से ब्रह्म पुराण, विष्णु पुराण,वराह पुराण, ब्रह्मवईव्रत पुराण,ब्रह्मांड पुराण, भागवत पुराण, देवी भागवत पुराण, भविष्य पुराण,वायु पुराण, मार्कंडेय पुराण, पद्म पुराण, अग्नि पुराण, स्कंद पुराण, वामन पुराण,मत्स्य पुराण गरुड़ पुराण, नारद पुराण,लिंग पुराण एवं वामन पुराण प्रमुख रूप से शामिल है। उपरोक्त आयोजन से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी महामंडलेश्वर अमृतानंद सरस्वती (भरत जी महाराज) के मोबाइल नंबर-9300108901,पराशक्ति ज्योतिष पीठम परिवार शक्ति के आचार्य बसंत दुबे मोबाइल नंबर- 9691337878, आचार्य उमाशंकर शास्त्री- 9300515 555 पर संपर्क कर प्राप्त की जा सकती है।

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