
सक्ती। देशभर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी की धूम मची हुई है। सक्ती जिले के विभिन्न मंदिरों में भी विशेष आयोजन किया जा रहा है और श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। नगर के सभी मंदिरों को भव्य तरीके से सजाया गया है। मंदिर समिति ने इस विशेष दिन को और सुंदर बनाने के लिए विशेष इंतेजामात किए हैं।
सक्ती के सेढू शिव मंदिर, हटरी चौक स्थित हनुमान मंदिर और मां महामाया मंदिर को भव्य आयोजन के लिए फूल माला और बिजली की जगमग रोशनी से सजाया गया है। भक्तों द्वारा आज के दिन व्रत रखकर श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व मनाते हुए रात के समय अपना व्रत खोल जाएगा। श्री कृष्ण जन्म के उपलक्ष्य में मनाए जाने वाले इस पर्व पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु सेढू शिव मंदिर, हटरी चौक स्थित हनुमान मंदिर और मां महामाया मंदिर में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने भी सुरक्षा के खड़े इंतजाम किए हैं।
मंदिर में पहुंचे श्रद्धालुओं ने बताया कि लोगों में पर्व को लेकर काफी बड़ा उत्साह देखने को मिल रहा है। यहां पर लोग बांके बिहारी लाल का बड़ी संख्या में दर्शन करने पहुंच रहे हैं। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर जहां नगर के मां महामाया मंदिर में भजन संध्या के साथ भंडारे का आयोजन भी किया गया, साथ ही मटकी फोड़, कुर्सी दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, वहीं ग्रामीण अंचलों में श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व की धूम मची हुई है। आज मंदिरों में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। सुबह मंगल आरती से लेकर रात तक भगवान का जन्म उत्सव मनाया जाएगा।
आज सुबह के समय मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण की विशेष पूजा अर्चना की गई और देर शाम तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण की विशेष आरती की जाएगी, जिसके बाद प्रसाद और चंद्रामृत भक्तों को वितरित किए जाएगा। जन्माष्टमी के अवसर पर नगर के विद्यालयों में भी नन्हे-मुन्ने बच्चों ने कृष्ण का स्वरुप धारण कर कृष्णलीला की सुंदर प्रस्तुति दी। छात्रों की मनमोहक प्रस्तुति से शिक्षकों, अभिभावकों सहित अतिथि भाव विभोर हो गए।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर पुजारियों ने बताया कि जो भी जातक जन्माष्टमी पर व्रत रखे हैं। उसे सभी कष्ट से मुक्ति मिलने के साथ ही सांसारिक सुखों की प्राप्ति होती है। उन्होंने बताया कि इसके लिए तन और मन से पूरी तरह से पवित्र होकर इस व्रत का पालन करना चाहिए। इसके साथ ही यदि घर में लड्डू गोपाल की झांकी सजी है। तो उन्हें भोग लगाने के बाद ही प्रसाद का वितरण करना चाहिए।




