सक्ती में सर्राफा एसोसिएशन का हुआ गठन, राजेश सराफ अध्यक्ष, आलोक अग्रवाल सचिव और दिनेश सराफ बनाए गए कोषाध्यक्ष

नवनियुक्त अध्यक्ष राजेश सराफ ने कहा- सर्राफा व्यापारियों के हित में कार्य करेगा संगठन



सक्ती। शहर में सराफा एसोसिएशन की नवीन कार्यकारिणी का गठन किया गया है, जिसमें नए अध्यक्ष के रूप में ज्वेलर्स अर्जुनलाल रामकुमार सराफ के संचालक राजेश सराफ, सचिव के रूप में ज्वेलर्स नत्थूराम कुंदनलाल के संचालक आलोक अग्रवाल तथा कोषाध्यक्ष के रूप में दिनेश ज्वेलर्स के संचालक दिनेश सराफ को बनाया गया है। सक्ती सराफा एसोसिएशन की नवगठित कार्यकारिणी में संरक्षक के रूप में प्रेमचंद सराफ, श्यामसुंदर सराफ, कैलाश चंद सराफ होंगे। सह सचिव की जिम्मेदारी संदेश सराफ, उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी नरेश सराफ (कालू ),विशेष सलाहकार अमित सराफ, कानूनी सलाहकार विनोद अग्रवाल (मामनचंद रामप्रताप), मीडिया प्रभारी का काम रवि सराफ एवं कृष्ण कुमार देवांगन देखेंगे, शक्ति सराफा एसोसिएशन की नवीन कार्यकारिणी के गठन से जहां सर्राफा व्यापारियों में भी उत्साह देखा जा रहा है, तो वहीं वर्षों बाद कार्यकारिणी का व्यवस्थित ढंग से गठन किया गया है।
सराफा व्यापारियों का कहना है कि आने वाले समय में वह राज्य एवं केंद्र शासन से सर्राफा व्यापारियों के हित में निरंतर योजनाएं बनाने हेतु मांग करेंगे, साथ ही प्रदेश तथा राष्ट्रीय स्तर के संगठन के संगठन से जुडक़र व्यापार हित में कार्य करेंगे वहीं शक्ति सराफा एसोसिएशन के नव नियुक्त अध्यक्ष राजेश सराफ का कहना है कि नवगठित कार्यकारिणी में जहां सर्राफा व्यापारियों को जिम्मेदारी देकर संगठन को मजबूत बनाने की दिशा में पहल की गई है, वहीं आने वाले समय में शक्ति के सर्राफा एसोसिएशन के संगठन को मजबूत बनाया जाएगा साथ ही निरंतर समय-समय पर सभी पदाधिकारी सदस्यों के सुझाव से कार्यों को गति दी जाएगी।
सक्ती सराफा एसोसिएशन की कार्यकारिणी गठित होने पर अन्य व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी इस संगठन के सभी पदाधिकारीयो को बधाई दी है, ज्ञात हो कि किसी भी व्यापार का स्वयं का अपना एक संगठन होने से जहां उससे संबंधित व्यापार से जुड़े व्यापारियों को इससे काफी सुविधाये होती हैं, वहीं वर्तमान समय में आज चाहे राजनीतिक पार्टी हो, समाज हो या कि अन्य कोई संस्थाएं हो एकजुटता से ही आज किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है तथा शक्ति सराफा एसोसिएशन की नवगठित कार्यकारिणी में जहां सराफा से जुड़े युवा व्यापारियों को मौका दिया गया है, तो वहीं युवा टीम के नेतृत्व से आने वाले समय में इस संगठन को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद की जा रही है।
ज्ञात हो कि विगत वर्षों में देखा जाए तो केंद्र सरकार द्वारा सर्राफा व्यापारियों के लिए लागू की गई नई योजना का सराफा व्यापारियों ने लगभग एक महीने तक अपनी पूर्ण रूप से दुकाने एवं व्यापार बंदकर विरोध किया था तथा समय-समय पर शासन से ऐसे अनेकों व्यापारियों के अहित में प्रावधान बना दिए जाते हैं,जिससे संघर्ष करने में एवं उनसे समन्वय बनाने के लिए मजबूत संगठन की आवश्यकता होती है।




