चाहे सफाई करूं या न करूं मेरी मर्जी…शासकीय हाईस्कूल में पदस्थ स्वीपर दिखा रहा दबंगई, साफ-सफाई के अभाव में शौचालय से उठ रही तेज बदबू से छात्र-शिक्षक परेशान

सकरेली (बा.)। एक ओर जहां साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की बात की जाती है, वहीं दूसरी ओर बारिश के मौसम में संक्रामक बीमारियों को नजरअंदाज करने का सिलसिला ग्राम सकरेली के विद्यालय में थमने का नाम नहीं ले रहा है। यहां संचालित शासकीय हाईस्कूल में स्टाफ और छात्र गंदे शौचालय का उपयोग करने को मजबूर हैं।
मामला ग्राम पंचायत सकरेली (बा.) में संचालित शासकीय हाई स्कूल का है, जहां छात्रों सहित शिक्षक भी गंदे एवं दुर्गंंध भरी शौचालय का उपयोग करे पर मजबूर हैं। यहां उठ रही सड़ांध से ऐसा लगता है मानो विगत लंबे अरसे से यहां साफ-सफाई नहीं की गई है। स्कूल में पदस्थ स्वीपर विजय पाटले के द्वारा भी साफ-सफाई की ओर ध्यान नहीं दिए जाने से शौचालय से तेज बदबू उठने लगी है। बार-बार सूचित किए जाने के बावजूद स्वीपर विजय पाटले सफाई के मामले में कोताही बरतता है, जिससे शोचालय इस्तेमाल करने योग्य नहीं रह गया है, बावजूद इसके सारे स्टाफ और विद्यार्थी इसका उपयोग करने को मजबूर हैं। यदि हालात ऐसे ही रहे तो जल्द ही संक्रमण की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।




