छत्तीसगढ़

सक्ती जिले के नए कलेक्टर होंगे अमृत विकास टोपनो, बिना किसी ठोस वजह के कलेक्टर बनने से कर दिया गया था वंचित, नई सरकार आने के बाद आखिरकार मिल गया मौका

आधा दर्जन आईएएस अधिकारियों की नई पोस्टिंग

सक्ती। छत्तीसगढ़ सरकार ने आज शाम आधा दर्जन आईएएस अधिकारियों को नई पोस्टिंग दी। राज्य सरकार ने सक्ती की कलेक्टर नुपूर राशि पन्ना को हटा दिया है। उनकी जगह छत्तीसगढ़ राज्य जल ग्रहण प्रबंधन एजेंसी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं भारतीय प्रशासनिक सेवा 2014 बैच के अधिकारी अमृत विकास टोपनो को सक्ती जिले का नया कलेक्टर अपाइंट किया गया है।

सचिव पर्यटन और धर्मस्व अंबलगन पी को सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव का अतिरिक्त दायित्व दिया गया है। वहीं, दीपक सोनी को ड्रग कंट्रोलर से हटाकर उन्हें मनरेगा आयुक्त की जिम्मेदारी दी गई है। दीपक के पास रजिस्ट्रार का पद यथावत रहेगा। पाठ्य पुस्तक निगम के एमडी कुलदीप शर्मा को अब ड्रग कंट्रोलर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

ज्ञात हो कि अमृत विकास टोपनो ने विगत साल 2022 में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा उन्हें नागरिक आपूर्ति निगम के महाप्रबंधक पद से 27 नवंबर को हटाने का आदेश जारी कर योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग में उपसचिव की जिम्मेदारी दी गई थी, जिस पर अमृत विकास टोपनो ने मुख्य सचिव को अपने पद से इस्तीफा देने की भी पेशकश कर दी थी, किंतु बाद में राज्य शासन ने उनके इस्तीफा को स्वीकार नहीं किया, किंतु अब अमृत विकास टोपनो सक्ती जिले के नए कलेक्टर की कमान संभालेंगे।

अमृत बने कलेक्टर

अमृत का बैच 2021 में कलेक्टर बन गया था। कुंदन कुमार, ऋचा प्रकाश चौधरी, कुलदीप शर्मा, ऋतुुराज रघुवंशी और एस जयवद्र्धने 2014 बैच के आईएएस हैं और ये सभी एक से दो जिले के कलेक्टर रह चुके हैं। सरकार ने बिना किसी ठोस वजह के उन्हें कलेक्टर बनने से वंचित कर दिया था। बता दें, अमृत ने सूबे के एक पूर्व चीफ सिकरेट्री पर प्रताडऩा के आरोप लगाते हुए सरकार को पत्र लिखा था। नई सरकार आने और मुकेश बंसल के जीएडी सिकरेट्री बनने के बाद अमृत को आखिरकार कलेक्टर बनने का मौका मिला।

राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के लगातार विरोध के बाद संविदा में जीएडी सिकरेट्री का कार्यभार संभाल रहे डीडी सिंह को राज्य सरकार ने हटा दिया है। उनकी जगह अंबलगन पी को नया सिकरेट्री बनाया गया है। ज्ञात हो, इससे पहले जीएडी के आईएएस शाखा के सचिव मुकेश बंसल बनाए गए थे। और अब राज्य प्रशासनिक शाखा के सचिव अंबलगन बन गए। हालांकि, डीडी सिंह की संविदा पोस्टिंग खत्म हुई या नहीं, ये क्लियर नहीं हुआ है। इस साल जून तक उनका कार्यकाल है। समय से पहले अगर उन्हें हटाया गया है तो सरकार को इसके लिए आदेश निकालना होगा।

बहरहाल, यह पहला मौका होगा जब राप्रसे अधिकारियों के विरोध के बाद किसी सिकरेट्री को हटाया गया हो। डीडी सिंह भूपेश बघेल सरकार में भी उनके सिकरेट्री थे। बीजेपी की सरकार आने के बाद उस समय के सारे सिकरेट्री टू सीएम को हटा दिया गया था। सिर्फ डीडी सिंह बच गए थे। सरकार ने आज उन्हें भी हटाकर बिना विभाग के कर दिया।

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