कांग्रेस का छत्तीसगढ़ बंद सक्ती में दिखा बेअसर, पुलिस बल रहा तैनात, नहीं हुई कोई अप्रिय वारदात


सक्ती। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जिला कांग्रेस कमेटी शक्ति के द्वारा आज नगर बंद करने की औपचारिकताएं पूरी कर ली गई। सुबह कांग्रेस कार्यकर्ता राजा पारा चौक में इकठ्ठा हुए और भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपने अपने घर चले गए। कांग्रेसी जिसमे जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष त्रिलोकचंद जायसवाल, उपाध्यक्ष श्याम सुंदर अग्रवाल, नगर कांग्रेस अध्यक्ष दिगंबर चौबे, कोषाध्यक्ष नरेश अग्रवाल, गिरधर जयसवाल, पिंटू ठाकुर, समेलाल गबेल, राकेश रोशन महंत, मनीष कथुरिया, राकेश राठौर, महबूब खान, अशोक यादव, नीतेश वर्मा, भूरू अग्रवाल बंद कराने निकले, लेकिन इस बंद का जिले में कोई खास असर देखने को नहीं मिला। इस दौरान पुलिस प्रशासन ने भी चाक चौबंद व्यवस्था कर रखी थी, जिसके कारण शहर में अब तक किसी भी प्रकार की अप्रिय खबर नहीं मिली है। विदित रहे कि चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने कांग्रेस के छत्तीसगढ़ बंद को समर्थन नहीं दिया था, इसका भी असर देखने को मिला और शहर में अधिकांश दुकानें और प्रतिष्ठान खुली रहीं।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने खुद की प्रतिष्ठान खोली और निकल पड़े दूसरों का प्रतिष्ठान बंद कराने
कवर्धा जिले के लोहारीडीह कांड को लेकर कांग्रेस ने आज छत्तीसगढ़ बंद का आव्हान किया था, जिसका प्रदेश में मिला-जुला असर रहा, लेकिन सक्ती से एक ऐसी हतप्रभ करने वाली खबर मिली है, जिस पर कांगे्रस के दिल्ली आलाकमान को यकीन करना मुश्किल होगा। बताया जाता है किजिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दादू जायसवाल खुद के प्रतिष्ठान वंदना इंजीनियरिंग और वंदना इलेक्ट्रिक खोलकर शहर बंद कराने निकल गए, लेकिन कांग्रेस के प्रदेश बंद का सक्ती में कोई असर देखने को नहीं मिला और न ही सक्ती से कांग्रेस के छत्तीसगढ़ बंद को व्यापक समर्थन मिल पाया। बताया जाता है कि शहर में कांग्रेस जिलाध्यक्ष की देखा-देखी में कई प्रतिष्ठानों के संचालकों ने भी अपने-अपने प्रतिष्ठान खुले रहे।




