छत्तीसगढ़

पर्यावरण और बालिका स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए शिक्षिका रश्मि धुर्वे को मिला अवार्ड, वर्ष 2019 में राज्यपाल पुरस्कार से किया गया था सम्मानित

रायपुर/सक्ती। राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित व्याख्याता व सक्ती जिले के आबकारी अधिकारी की धर्मपत्नी डॉ. रश्मि सिंह धुर्वे को राजधानी रायपुर के राजभवन में शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित राज्यस्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में सम्मानित किया गया। इस सम्मान के लिए प्रदेश भर से 55 शिक्षकों का चयन किया गया था। जिसमें से राज्य शिक्षक सम्मान स्मृति पुरस्कार 2024 के लिए 3 शिक्षक और राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार 2024 के लिए 52 शिक्षकों को सम्मानित किया गया है। राज्य शिक्षक सम्मान स्मृति पुरस्कार से डॉ. रश्मि सिंह धुर्वे, राजर्षि पांडेय और डॉ. सरिता साहू को सम्मानित किया गया।

बिलासपुर जिले की व्याखाता डॉ. रश्मि सिंह धुर्वे को डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बक्शी स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। ज्ञात रहे कि डॉ. रश्मि सिंह धुर्वे सक्ती जिले मे आबकारी विभाग में पदस्थ जिला आबकारी अधिकारी अजय धुर्वे की धर्मपत्नी है, वहीं कबीरधाम जिले के शिक्षक राजर्षि पाण्डेय को डॉ. मुकुटधर पाण्डेय स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। दुर्ग जिले की उच्च वर्ग शिक्षक डॉ सरिता साहू को डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र स्मृति पुरस्कार प्रदान किया गया है।

डॉ. रश्मि सिंह धुर्वे का चयन पदुमलाल पुन्नालाल बक्शी स्मृति पुरस्कार के लिए हुआ है, उन्हें प्रशस्ति पत्र 50000 रूपये की राशि सम्मान स्वरूप महामहिम राज्यपाल के हाथों प्रदान की गई। रश्मि धुर्वे ने पर्यावरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिल चुकी है। इनके द्वारा 6 अंतर्राष्ट्र्रीय और 6 राष्ट्र्रीय शोधपत्रों का प्रकाशन किया जा चुका है। वहीं शिक्षा के क्षेत्र में 20 प्रकार के नवाचार लिए गए हैं। सामाजिक सरोकार के तहत् 20 प्रकार के सामाजिक जागरूकता के कार्यक्रम का संचालन कर रही हैं, जैसे पर्यावरण जागरूकता, स्वक्ष्ता जागरूकता, किशोरी बालिकाओं के पोषण स्वास्थ्य जागरूकता महावारी जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से जन जागरूकता फैला रही हैं। साथ ही विकास योजना में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं, इनके कुशल संचालन में शाला ने भारत सरकार की स्वच्छ विद्यालय प्रतियोगिता में राज्य स्तर पर चयनित होते हुए, राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का प्रतिनिधित्व किया। पर्यावरण के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ ईको क्लब का चयन पर्यावरण विभाग की ओर से किया गया। इनके सफल संचालन में शाला ने विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक, लक्ष्य निर्धारित किए भारत सरकार खेल एवम् युवा कल्याण विभाग की ओर से संचालित युवा महोत्सव में प्रतिवर्ष बच्चे पुरुस्कृत होते है।

इन्होंने स्वयं वाद विवाद प्रतियोगिता में बिलासपुर संभाग से प्रथम स्थान प्राप्त कर राज्य स्तर पर प्रतिनिधित्व किया। बच्चों के व्यक्तित्व विकास, समय प्रबंधन, आदि पर मोटिवेशनल वक्ता के रूप छात्रों को प्रेरित कर रही है। इन्हे वर्ष 2019 में राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। लेखन कार्य, सामाजिक सरोकार, शिक्षा में नवाचार, शैक्षणिक, सांस्कृतिक, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के कारण इन्हें प्रसिद्ध साहित्यकार पदुमलाल पुन्नालाल स्मृति पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है।

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