गजब! मुन्ना भाई कर रहे मरीजों का इलाज, हसौद क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों की बाढ़़, मरीजों की जान से कर रहे खिलवाड़, हो रही जमकर वसूली…हाय! गरीबों की सुध लेने वाला कोई नहीं

सक्ती। देश में जहां भारी बारिश के कारण नदियां पूरे उफान पर हैं और बाढ़ से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है, वहीं बाढ़ का नया स्वरूप हसौद तहसील क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में देखने को मिल रहा है। यहां बाढ़ आई है झोलाछाप डॉक्टरों की। जी हां! फर्जी डिग्रीधारी होने के बावजूद झोलाछाप डॉक्टरों के क्लीनिक धड़ल्ले से चल रहे हैं, अवैध क्लीनिक की आड़ में ग्रामीणों से जमकर वसूली की जा रही है और लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं वहीं अवैध पैथोलैब संचालक भी बेखौफ होकर धड़ल्ले से अपना कारोबार चला रहे हैं, जो टेस्ट के नाम पर बेहिसाब पैसा वसूलते हैं, जबकि असहाय ग्रामीणों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। जिला कलेक्टर को इसकी शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्यवाहीं नहीं किए जाने से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
जानकारी के अनुसार हसौद क्षेत्र में पिछले लंबे अरसे से झोलाछाप डॉक्टर अवैध क्लीनिक संचालित कर अपने मंसूबों को अंजाम दे रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जब वे इलाज के लिए इनके पास पहुंचते हैं तो उनके द्वारा इन गरीबों से जमकर वसूली की जाती है। रही सही कसर यहां संचालित अवैध पेथोलैब संचालक पूरी करने से बाज नहीं आते। दो वक्त की रोजी-रोटी का इंतजाम करने के बाद बचे हुए पैसे लेकर जब ये गरीब ग्रामीण यहां संचालित पैथोलैब में टेस्ट के लिए जाते हैं तो इनसे टेस्ट के नाम पर जो चार्ज वसूला जाता है, उससे इन गरीबों की कमर पूरी तरह टूट जाती है। इनकी व्यथा, पीड़ा सुनने-समझने वाला कोई नहीं है। सब कुछ जानते हुए भी जिम्मेदार अधिकारी इस संबंध में कार्रवाई नहीं करते।
ग्रामीणों का कहना है कि विगत दिनों यहां संचालित मां गायत्री पैथोलैब को लेकर जिला कलेक्टर से शिकायत की गई, बावजूद इसके अब तक कोई कार्यवाहीं नहीं होना समझ से परे है। प्रशासनिक उदासीनता के कारण इन अवैध पैथौलैब संचालकों के हौसले बुलंद हो चले हैं, जो नर्सिंग एक्ट का घोर उल्लंघन कर रहे हैं।
जिला कलेक्टर को सौंपे गए शिकायत पत्र में बताया गया है कि उनके द्वारा पूर्व में शिकायत किए जाने के बाद मुख्यचिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने खण्ड स्वास्थ्य अधिकारी जैजैपुर को निर्देशित किया था, लेकिन उनके द्वारा उक्त आदेश की अवहेलना कर दी गई। प्रशासनिक अधिकारियों की उदासीनता का ही परिणाम है कि झोलछाप डॉक्टर और अवैध पैथौलेब संचालक बेखौफ होकर अपना कारोबार संचालित कर रहे हैं। इससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने पुन: जिला कलेक्टर से इसकी शिकायत की है। देखना होगा कि क्षेत्र में इलाज के नाम पर हो रही अवैध लूटपाट पर अंकुश लगाने और इन मुन्ना भाईयों पर लगाम कसने की पहल प्रशासन द्वारा कब तक की जाती है?




