दैनिक सब्जी मंडी जाइए, ‘डेंगू-मलेरिया फ्री’ घर लाइए! कीचड़ और गंदगी के बीच बिक रही सेहतकारी सब्जी

सक्ती। सक्ती की दैनिक सब्जी मंडी बरसात आते ही गंदगी और कीचड़ से बजबजाने लगी है। सब्जी मंडी को कोई भी हिस्सा साफ सुथरा और आने जाने के लिए सुरक्षित नहीं है। सब्जी मंडी आने वाले ग्राहक सब्जी मंडी में भरे पानी और कीचड़ से परेशान है वही आसपास के रहवासी भी भारी संकट का सामना कर रहे है। नगर पालिका की उदासीनता के कारण सब्जी विक्रेता और आमजन परेशान हो रहे है। सब्जी मंडी में भरे कीचड़ के गड्ढे और सडक़ पर खड़े होने वाले मालवाहकों से लोगों को आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका को कोई परवाह नहीं, ऐसा प्रतीत होने लगा है।
सक्ती की दैनिक सब्जी मंडी में यहां होने वाले जल भराव और बरसाती पानी के निकासी की उचित व्यवस्था नहीं किए जाने व साफ सफाई के माकूल इंतजाम नहीं होने से गंदगी के बीच आमजन का पहुंचना कठिन हो रहा है जिस पर जिला प्रशासन से तत्काल कार्यवाही की जनापेक्षा है।
बारिश के बाद सब्ज़ी मंडी में कीचड़ और फिसलन हो जाती है, जिससे बेचने वाले और खरीदारी करने आने वाले लोगों को परेशानी होती है. गंदा पानी सब्जी मंडी में एकत्रित हो जाता है एवं बरसात के साथ-साथ कूड़े करकट की गंदगी से कीड़े मकोड़े सब्जी तक पहुंच रहे हैं। सब्जी खरीदने आए नगरवासियों ने बताया गंदे पानी एवं कीचड़ से दुर्गंध रहती है. गंदगी से मच्छर पनप रहे हैं, जिससे सब्जी खरीदने आने वालों को बीमारियां फैलने की आशंका बनी रहती है. कीचड़ की वजह से सब्जी बेचने वाले व्यक्तियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है सब्जी मंडी के पास ही पास ही 2 वर्ष पूर्व लाखों रुपए का पौनी पसरा बना हुआ था परंतु वह पौनी पसरा पूरी तरह टूट कर बर्बाद हो चुका और किसी काम का अब नहीं रहा और पौनी पसरा में लगाए गए लाइट पूरी तरह से बंद हो चुके हैं नगर पालिका द्वारा लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी पौनी पसरा सब्जी बेचने वालों का कोई काम नहीं आ रहा है उन्हें कीचड़ में बैठकर सब्जी बेचना पड़ रहा है सरकार का पैसा बेवजह से पानी की तरह बर्बाद किया गया।




