छत्तीसगढ़

अस्तित्व खो रहे सक्ती नगर के तालाबों के जीर्णोद्धार की सख्त जरूरत…

प्यास बुझानी है तो तालाबों को करना होगा आबाद

सक्ती। जिला मुख्यालय सक्ती के तालाबों की बात करे तो अब यह अपना अस्तित्व खोते जा रहें है। जनता ने खुद तालाब को खत्म करने कोई कसर नहीं छोड़ी है, ऐसे में तालाब को कहीं चैपाटी तो कहीं ओपन जिम पार्क में तब्दील किया जा रहा है। वर्षों पहले पहाड़ों का पानी विशेष नालियों के द्वारा सीधे सक्ती नगर के तालाबों तक पहुंचता था जिससे तालाब का पानी नया पुराना होता रहता था अब स्थिति बदल गयी है। अब तालाब का पानी गंदा और हरा हो गया है जिससे बदबू आ रही है। वही ऐतिहासिक व धार्मिक महत्व वाला महामाई दर्री तालाब की बात करें तो यह अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है।

एक दौर था जब तालाब आम जन जीवन का एक जरूरी हिस्सा हुआ करता था। निस्तारी सहित पीने के पानी की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ, वे उनके सामाजिक ताने-बाने से भी जुड़े थे। धार्मिक और पेयजल दोनों उद्देश्यों के लिए उनका सम्मान किया जाता था और उन्हें बनाए रखने की हरसंभव कोशिश भी होती थी। लेकिन जैसे-जैसे हैंडपंप और अब पाइप से पानी आने लगा, ये स्थानीय जल निकाय धीरे-धीरे गायब होने लगे।  बढ़ते जल संकट के साथ बदलते परिवेश में अब इन तालाबों का संरक्षण और देख रेख जरूरी हो गया है।

यह प्राचीन तालाब तीनों तरफ मंदिरों व मस्जिद से घिरी हुई है तथा वर्तमान में अत्यंत गंदा हो चुका है। पूर्व कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना ने तालाब को सुधारने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण जरूर किया किंतु काम कुछ नहीं हुआ। महामाया दर्री तालाब की बाउंड्री वाल टूटी हुई है। तो वही शनि मंदिर के सामने तालाब में पचरी टूटी हुई है।

जल संकट का सामना न करना पड़े इसके लिए जरूरी है कि इसे सहेजने के लिए सभी प्रयास करें। लोग पानी के सदुपयोग की आदत डालें पानी एक ऐसी जरूरत जिसके बिना मानव जीवन की कल्पना भी संभव नहीं है। पानी की एक-एक बूंद कीमती है जैसे नारे लुभाते तो हैं लेकिन लोग पानी का प्रयोग करते समय शायद इसे भूल जाते हैं। प्रकृति को गतिमान बनाने के लिए सब से प्रमुख कारक जल ही है। इसलिए अगर प्रकृति व मानव को बचाना है तो पानी को भी बचाना होगा। तालाबों पर हो रहे अवैध अतिक्रमण से इनका अस्तित्व खत्म होता जा रहा है। आज हर व्यक्ति संकल्प लें कि पानी को बर्बाद नहीं होने देंगे। यदि हर व्यक्ति जागरूक होगा तभी जल संरक्षण की दिशा में सकारात्मक पहल हो सकेगी।

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