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03 जून को हवन, पूर्णाहुति, सहस्त्रधारा एवं भंडारा के साथ हुआ समापन, भजन मंडलियों को किया गया पुरस्कृत
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श्री सिद्ध हनुमान मंदिर परिवार सक्ती के द्वारा विजेता भजन टीम को पुरस्कार स्वरूप प्रदान की गई 11100 रूपये की नगद राशि
सक्ती। सक्ती के हृदय स्थल नवधा चौक में 66 सालों से नवधा रामायण का आयोजन निरन्तर चला आ रहा है। इस वर्ष भी सार्वजनिक अखण्ड नवधा रामायण महायज्ञ का आयोजन महावीर कीर्तन मण्डली द्वारा नवधा चौक में किया जा रहा है। इसी कड़ी में विगत 25 मई को कलश यात्रा के साथ अखण्ड नवधा रामायण का शुभारंभ हुआ और 03 जून को हवन, पूर्णाहुति, सहस्त्रधारा एवं भंडारा के साथ समापन हुआ। इस कथा के व्यासपीठ पर पंडित ओमप्रकाश चौबे जी राज पुरोहित विराजमान रहे।
कथा के पहले दिन से अलग अलग गाँवों समेत दूर दराज से संगीत भजन कीर्तन की टोली प्रति दिन यहां आकर अपनी सेवा निरन्तर चौबीसों घंटे देती रही। इस संबंध में कीर्तन-भजन पाटियों के उत्साहवर्धन के लिये प्रथम, द्वितीय, तृतीय से नवम पुरुस्कार का कार्यक्रम रखा गया था। विराम दिवस की रात्रि सभी संगीत पार्टी में से नव पार्टी को चयन कर उनके बीच मुकाबला सारी रात चला।
सुबह निर्णायक के द्वारा सील्ड एवं इनाम की नगद राशि उनकी श्रेणी के अनुसार प्रदान की गई। इस संबंध में प्रथम पुरस्कार 11100 रूपये श्री सिद्ध हनुमान मंदिर परिवार सक्ती के द्वारा विजेता भजन टीम नव दुर्गा मानस मंडली लोहाराकोट को दिया गया। इस कार्यक्रम में श्री सिद्ध हनुमान मंदिर के पुजारी ओमप्रकाश वैष्णव, कोंडके मौर्य, अमित तम्बोली, सोनू देवांगन, महेंद्र गबेल, अरविंद देवांगन, वीरेन्द्र देवांगन, गोपाल गौतम, घनश्याम साहू, मोनू साहू प्रकाश अग्रवाल, गिरधर सिंह पटेल, संजय तम्बोली, रिंकू निर्मलकर, सन्तोष देवांगन, पप्पू खर्रा, हरनारायण पाण्डेय, रविन्द्र मिश्रा, बच्चों की टोली एवं हाईकोर्ट के अधिवक्ता चित्रंजय पटेल विशेष रूप से मौजूद थे।




