छत्तीसगढ़

स्वच्छ भारत अभियान की सरेआम उड़ रही धज्जियां : मां महामाया मंदिर स्थित तालाब में कचरे का ढेर स्वच्छ भारत मिशन को दिखा रहा ठेंगा

तालाब बना कचरा प्वाइंट, गंदगी का ढेर सरकारी उदासीनता की खोल रहा पोल

सक्तीनगर। जिस जोश के साथ देश के अन्य हिस्सों की तरह सक्तीनगर में स्वच्छता अभियान शुरू हुआ, वह अब नजर ठंडा पडऩे लगा है। इसका जीवंत उदाहरण है सक्तीवासियों की आस्था का प्रतीक मां महामाया देवी मंदिर, जहां स्थित तालाब में कचरे का ढेर और गंदगी का आलम स्वच्छ भारत मिशन को एक ओर ठेंगा दिखा रहा है, वहीं दूसरी ओर नगर पालिका की सफाई व्यवस्था को मुंह चिढ़ाता नजर आ रहा है। यहां मौजूद गंदगी का ढेर सरकारी उदासीनता की पोल खोल रहा है। मां महामाया देवी मंदिर में जहां श्रद्धालु रोज दर्शन कर देवी मां से आशीर्वाद मांगते हैं, वहीं यहां मौजूद तालाब में खुले में पड़ा कचरा बीमारियों को न्योता देने से बाज नहीं आ रहा है। आखिर इसके लिए जिम्मेदार कौन है?

सक्तीनगर में मां महामाया देवी मंदिर भक्तों की आस्था का केंद्र है, जहां नवरात्र में मेले सा माहौल रहता है, लेकिन यहां का तालाब कचरा प्वाइंट बनकर रह गया है। नगर पालिका द्वारा यहां से कचरा हटाने या उठाव के लिए पर्याप्त व्यवस्था भी नहीं किए जाने से आने जाने वाले लोग भी तालाब में ही कचरे को फेंकने से बाज नहीं आते। रही-सही कसर यहां उठ रही बदबू से पूरी हो रही है। परेशान लोगों को भी कुछ समझ नहीं आता। वो भी देखादेखी गंदगी यहां-वहां फेंकने से परहेज नहीं करते।

लोगों का कहना है कि नगर पालिका की विशेष टीम यहां पहुंचकर स्वच्छता अभियान चलाना चाहिए और यहां कचरे डालने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए जाएं, अन्यथा चंद महीनों में ही तालाब कचरे का ढेर बन जाएगा। कई-कई दिनों से यहां फेंके गए कचरे के ढेर बीमारियों को न्योता देने लगे हैं। कभी-कभी सफाई कर्मियों को गुजारिश कर काम करवाया लिया जाता है, परंतु अब तक किसी विभागीय अधिकारी ने यहां सफाई अभियान चलाने का बीड़ा नहीं उठाया है।

 

Related Articles