छत्तीसगढ़

प्रशासनिक लापरवाही से अभिभावक त्रस्त, विद्यालय प्रबंधन मस्त, बच्चे होते रहे पस्त : चुनावी ड्यूटी में लगाई गई निजी स्कूल की बसें, विद्यालय प्रबंधन और प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा भुगतते रहे बच्चे और पालक

 सक्ती। शहर में संचालित निजी विद्यालयों की बसों को चुनावी ड्यूटी में लगाये जाने से स्कूल के बच्चे और अभिभावक दो दिनों से परेशान होते रहे। विद्यालय के कई छोटे-छोटे और मासूम बच्चे पैदल चलकर अपने-अपने घरों तक पहुंचे, वहीं अभिभावक बच्चों के लौटने का इंतजार करते दिन-भर हलाकान होते रहे। विद्यालय प्रबंधन और प्रशासन की इस घोर लापरवाही और गैर जिम्मेदाराना रवैये से अभिभावकों में आक्रोश व्याप्त है।

गुरूवार को जांजगीर-चांपा जिले में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के कार्यक्रम के लिए निजी स्कूल की बसों को लगाया गया था। जिंदल वल्र्ड स्कूल, संस्कार, अनुनय कान्वेंट समेत अधिकांश निजी विद्यालयों में अभिभावकों को बिना कोई सूचना दिए बसों को प्रशासन के हवाले कर दिया गया। जब बच्चे देर तक घर नहीं लौटे तो अभिभावकों को उनकी चिंता सताने लगी। घबराए, परेशान अभिभावक जब हड़बड़ाते विद्यालय पहुंचे तो उन्हें जानकारी मिली कि स्कूली बसों को प्रशासन की मांग पर चुनावी रैलियों के लिए भेज दिया गया है।

विद्यालयों और प्रशासन के इस गैर जिम्मेदाराना रवैये से अभिभावकों में काफी आक्रोश देखने को मिल रहा है, क्योंकि विद्यालय प्रबंधन द्वारा बिना कोई सूचना दिए बसों को चुनावी रैली में भेज दिए जाने से कई छोटे छोटे मासूम बच्चे पैदल चलकर अपने घरों तक पहुंचे तो वहीं कई बच्चे अपने अपने स्कूलों के इर्द गिर्द बसों के आने की राह निहारते नजर आए। उधर बच्चे के लौटने की राह देखते-देखते अभिभावकों का बुरा हाल हो गया।

थक-हारकर जिंदल वल्र्ड स्कूल पहुंचे सूरजभान इंजीनियरिंग के ठेकेदार व अभिभावक अमित अग्रवाल ने आक्रोशित स्वर में अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बच्चों को हुई इस परेशानी के लिए शासन-प्रशासन पर ठीकरा फोड़ते हुए बताया कि शासन-प्रशासन को ऐसी चुनावी रैलियों या बसों के अधिग्रहण के संबंध में समय रहते विद्यालय प्रबंधन को सूचित किया जाना चाहिए, ताकि विद्यालय प्रबंधन भी अभिभावकों को सूचित कर सकें। प्रशासन की लापरवाही और गैर जिम्मेदाराना रवैये के कारण ही इस तरह की स्थिति निर्मित हुई है। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए प्रशासन को ठोस कार्ययोजना तैयार कर उसकी पूर्णत: समीक्षा की जानी चाहिए।

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