
अनिश्चित कालीन आंदोलन की दी चेतावनी
सक्ती। धान उठाव की व्यवस्था को दुरूस्त करने प्रभारियों ने डीएएमजी कार्यालय के सामने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया और धान उठाव की शीघ्र व्यवस्था नहीं किए जाने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी भी दी।
उल्लेखनीय है कि जिले में धान की खरीदी हो जाने के बावजूद कई राइस मिलरों द्वारा अब तक उठाव नहीं किए जाने से धान की बर्बादी हो रही है। मौसम की मार और फिर चूहों और दीमकों का आतंक…खुले आसमान के नीचे रखे धान को अधिक दिनों तक सुरक्षित रख पाना काफी दुश्कर कार्य है। ऐसे हालात में मंडियों से धान का शीघ्र उठाव होना अति आवश्यक है।
धरना प्रदर्शन के दौरान प्रभारियों ने एक स्वर में धन उठाओ समिति बचाओ के नारे भी लगाए साथ ही खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 की धान खरीदी प्रोत्साहन राशि दिलाने की बात कही है। आपको बता दे शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर किसानी का धान बड़े जोर शोर से खरीदा गया। वही खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में धान खरीदी का कार्य पूर्ण हो चुका है। जिले में कुल 125 उपार्जन केंद्रों में लगभग 517475.64 टन धान खरीदी हुई है जिसमें अभी भी उपार्जन केंद्रों में लगभग 15 लाख टन धान जाम है।
प्रभारियों ने बताया कि जिले के अधिकांश उपार्जन केंद्रों में धान के उठाव हेतु 09.01.2024 के बाद कोई डीओ जारी नहीं हुआ है एवं जिन केन्द्रों में एक माह पूर्व भी डीओ जारी हुआ है उनका धान उठाव मिलर द्वारा नहीं किया गया है। खरीदी केंद्रों में चूहों एवं दीमकों से धान एवं धान भरे बारदाने को नुकसान हो रहा है। जबकि धान खरीदी के 72 घंटे के अंदर धान उठाव होना आवश्यक है।
प्रभारियों ने कहा कि यदि समय रहते धान का उठाव नहीं किया गया तो शून्य प्रतिशत शार्टेज का लक्ष्य हासिल करना मुमकिन नहीं होगा। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के भीतर धान का उठाव नहीं होने से अनिश्चितकालीन आंदोन करने पर वे विवश हो जाएंगे। इस दौरान जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित सक्ती, बाराद्वार, हसीद, चंद्रपुर, जैजैपुर हभरा समिति के सदस्य काफी संख्या में उपस्थित रहे।




