छत्तीसगढ़

वार्ड क्र. 1 में मुख्य मार्ग पर गतिरोधक बनाने की मांग

वार्डवासियों ने पार्षद श्रीमती चांदनी सहिस के नेतृत्व में मुख्य नगर पालिका अधिकारी को सौंपा ज्ञापन

सक्ती। वार्ड क्र. 1 के निवासियों ने पार्षद श्रीमती चांदनी सहिस के नेतृत्व में मुख्य नगर पालिका अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मुख्य मार्ग में गतिरोधक बनाए जाने की मांग की है। वार्डवासियों का कहना है कि मुख्य मार्ग पर गतिरोधक नहीं होने से आए दिन यहां सड़क दुर्घटनाएं घटित हो रही हैं और गति अवरोधक के अभाव में लापरवाहीपूर्वक तेज गति से वाहन चलाए जाने से लोग काल के गाल में समा रहे हैं।

मुख्य नगर पालिका अधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से वार्डवासियों ने बताया कि यहां कसेरपारा स्कूल से प्राथमिक शाला हरिजन वार्ड क्र. 01 स्कूल तक गतिरोधक बनाना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि विगत दिनों इसी मुख्य मार्ग पर एक तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से एक स्कूली बच्चे की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी, जबकि दूसरे बच्चे को गंभीर हालत में अस्पताल दाखिल कराया गया था। इसके अलावा यहां राम सप्ताह कार्यक्रम के अलावा अन्य सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जिसकी वजह से मुख्य मार्ग पर लगातार लोगों का आना-जाना लगा रहता है।

वार्डवासियों संदीप कसेर, रघुवीर कसेर, वरूण कसेर, विमल कसेर, चंदन कसेर, नरेन्द्र कसेर, प्रकाश कसेर, रामा कसेर, उमेश कसेर, राकेश कसेर, शिव कसेर ने सक्ती टॉप न्यूज को बताया कि इस मार्ग पर गति अवरोधक के अभाव में दुपहिया और चौपहिया वाहनों की रफ्तार पर लगाम लगाने के उद्देश्य से ही उन्होंने अपनी मांग नगर पालिका अधिकारी के समक्ष रखी है। गौरतलब रहे कि इस मुख्य मार्ग में दुर्घटनाएं नियंत्रित नहीं हो पा रही है। इसका प्रमुख कारण वाहन चालकों की लापरवाही को माना जा रहा है।

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लोगों का कहना है कि आए दिन यहां सड़कों पर खून बह रहा है। लापरवाही से हुए हादसों से परिवार वालों को जीवनभर का दर्द मिल रहा है। कहीं इकलौता बेटा सड़क हादसे का शिकार बना तो कहीं परिवार का मुखिया दूसरे की गलती से मौत के मुंह में समा गया। कभी खुद की तो कभी दूसरे वाहन चालक की गलती से हादसे बढ़ रहे हैं।

ज्ञात रहे कि सड़क हादसे के आरोपियों को सजा दिए जाने का प्रावधान तो है और हमारी गलती पर हमें सजा देने के लिए कानून भी बना है। इसके बावजूद भी कुछ वाहन चालक कानून की फिक्र नहीं करते। ज्यादातर सड़क हादसों पर नजर दौड़ाया जाए तो वाहन चालकों की लापरवाही का खामियाजा निर्दोष व्यक्तियों को भुगतना पड़ा है। यातायात के नियम का पालन किया जाए तो सड़क दुर्घटनाएं कम हो सकती हैं।

वार्डवासियों ने सक्ती टॉप न्यूज‘ से कहा कि नशे में रहने वाले वाहन चालक तेज गति सेे गाड़ी चलाते  हैं । गाड़ी रफ्तार में होने की वजह से ऐसे वाहन चालक अपने रफ्तार पर नियंत्रण नहीं कर पाते और हादसे हो जाते हैं । इसका नतीजा होता है कि वाहन सीधे पेड़ से टकरा जाता है या सामने से आ रही गाड़ी से, जिससे दूसरे की गलती का खामियाजा निर्दोष लोगों को अपनी जान गंवाकर चुकाना पड़ता है। ऐसी एक ही घटना में विगत दिनों तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से स्कूली बच्चे की मौत हो गई थी।

शराब के नशे में वाहन चलाते हैं कई चालक

वार्डवासियों ने बताया कि यहां मुख्य मार्ग पर शराब के नशे में कई चालक वाहन चलाते हैं । नशे में होने की वजह से ऐसे वाहन चालक को सामने और पीछे से रही वाहनों का पता नहीं लगता और हादसे हो जाते हैं। इसके अलावा बिना शराब का सेवन किए हुए व्यक्ति भी वाहन स्पीड से चलाते हैं। स्पीड में होने की वजह से वे अपने रफ्तार पर कंट्रोल नहीं कर पाते और दुर्घटनाएं घटित हो जाती हैं।

बिना हेलमेट के चलाए जा रहे वाहन

हेलमेट की अनिवार्यता होने के बाद भी अब तक कई वाहन चालक हेलमेट का प्रयोग नहीं करते। विभाग द्वारा हेलमेट की अनिवार्यता को लेकर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसके बाद भी दुर्घटनाएं हो रही हैं।

ओवरटेक से भी बढ़ रही दुर्घटनाएं

अक्सर देखा गया है कि वाहन चालक जल्दबाजी के चक्कर में सामने वाले वाहन को ओवरटेक करने की कोशिश करता है। ओवरटेक करने के चक्कर में सामने से आ रहे वाहन से टक्कर हो जाती है।

तीन सवारी बैठने का चलन जोरों पर

दुपहिया वाहन में तीन सवारी आज भी चल रहे हैं। तीन सवारियों की वजह से वाहन भारी हो जाता है। वाहन चालक मोड़ या अन्य परिस्थिति में वाहन को नियंत्रित नहीं कर पाता और हादसे हो जाते हैं।

ड्राइविंग के दौरान मोबाइल से बात

वाहन चलाते समय कई वाहन चालक मोबाइल से बात करते हैं। ईयरफोन, हैडफोन लगाकर वाहन चलाते हैं। इससे भी दुर्घटनाओं में इजाफा हुआ है।

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