*धरने से पहले ही मैदान छोड़ने पर किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष पर उठे सवाल, सोशल मीडिया में हो रही आलोचना*



सक्ती। कंचनपुर स्थित दोनों पेट्रोल पंपों के बीच सड़क पर बने स्विमिंग पूल जैसी स्थिति को सुरक्षा एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर धरने पर बैठने की घोषणा करने वाले किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष सदेश्वर गबेल निर्धारित समय पर धरने पर नहीं बैठे। धरना शुरू होने से पहले ही उनके कार्यक्रम को स्थगित कर दिए जाने के बाद इस पूरे घटनाक्रम को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
सादेश्वर गबेल ने बताया कि उन्हें संबंधित उच्च अधिकारियों द्वारा समस्या के समाधान का आश्वासन दिया गया है। इसी आश्वासन के आधार पर उन्होंने फिलहाल धरने पर नहीं बैठने का निर्णय लिया है।
हालांकि, इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने उनकी आलोचना भी की है। कुछ लोगों का कहना है कि जिस मुद्दे को लेकर धरने की घोषणा की गई थी, वह जनहित और सड़क सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है तथा केवल आश्वासन से समस्या का समाधान नहीं होगा। उनका मत है कि जब तक धरातल पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक लोगों की जान जोखिम में बनी रहेगी।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि संबंधित स्थान पर लंबे समय से दुर्घटना की आशंका बनी हुई है और सुरक्षा संबंधी आवश्यक व्यवस्थाएं अब तक नहीं की गई हैं। लोगों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या पर न तो जिम्मेदार अधिकारियों का पर्याप्त ध्यान है और न ही जनप्रतिनिधियों ने प्रभावी पहल की है।
अब क्षेत्रवासियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अधिकारियों द्वारा दिए गए आश्वासन पर कब तक अमल होता है और जनहित से जुड़ी इस समस्या का स्थायी समाधान कब तक सुनिश्चित किया जाता है।


