
मां दुर्गा मंदिर सक्ती से सायं 4 बजे निकाली जाएगी रथयात्रा, ओडिशा से आए कलाकारों द्वारा भव्य रथ का निर्माण पूर्ण
सक्ती। प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी जिले में 7 जुलाई दिन रविवार को श्री जगन्नाथ स्वामी जी की भव्य रथ यात्रा का आयोजन किया जाएगा। मां दुर्गा मंदिर सक्ती से शाम 4:00 बजे ढोल ताशा, कर्मा, डिस्को लाइट के साथ रथयात्रा का आयोजन किया जाएगा। ओडिशा से आए कलाकारों द्वारा रथ का निर्माण पूरा कर लिया गया है।
प्रतिवर्ष इस वर्ष भी सक्तीनगर में जगन्नाथ स्वामी की भव्य रथयात्रा का आयोजन किया जाएगा, जिसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आयोजन समिति मां दुर्गा मंदिर सक्ती एवं चंद्रपुर पद यात्रा सेवा समिति के मुताबिक इस वर्ष की रथ यात्रा बेहद खास होने वाली है। उन्होंने बताया कि रथ का निर्माण पूरा कर लिया गया है। रविवार 7 जुलाई को भगवान मंदिर से निकलकर अपने भक्तों को दर्शन देंगे। इस दिन जिले के उपनगरीय क्षेत्रों से हजारों भक्तों के पहुंचने की उम्मीद है। रथयात्रा को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। ओडिशा से पहुंचे कलाकारों द्वारा भव्य रथ का निर्माण पूरा कर लिया गया है। सक्ती स्थित मां दुर्गा मंदिर से रथ निकाली जाएगी, रथ में भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा विराजमान रहेंगे।
53 साल बाद ऐसा मुहूर्त आया है कि जब एक ही दिन तीन उत्सव होंगे। भगवान का नवयौवन दर्शन, नेत्रोत्सव और रथयात्रा रविवार को ही निकलेगी। हर साल ये अलग-अलग दिन होते थे। रविवार को भोर 2 बजे से ही मंगलआरती से रथ यात्रा उत्सव की शुरुआत हो जाएगी। इस दौरान मंदिर के अंदर सेवा देने वाले पुजारियों के अलावा और कोई नहीं रहेगा। करीब 2.30 बजे भगवान का स्नान होगा। हालांकि यह दोनों रस्म भागवान की प्रतिमूर्ति के साथ होगी। भगवान जगन्नाथ बीमार होने के 15 दिन बाद स्वस्थ हुए हैं, तब तक उनकी प्रतिमूर्ति की पूजा हो रही थी। इसके बाद भगवान का पट खुलेगा और चंदन लगी विधान होगा। खिचड़ी प्रसाद और सेना पोटा लागी विधान में 4 से 5 घंटे लग जाएंगे। इसके बाद मंगला अर्पण होगा। दोपहर 12.30 बजे पहंडी निकलेगा। भगवान मंदिर से निकलकर रथ पर सवार होंगे। इसके बाद उनका श्रृंगार होगा। इस तरह दोपहर 2.30 बजे तक भगवान तैयार होंगे।
जांजगीर चांपा जिले में बनेगा भगवान के लिए विशेष भोग
भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के लिए जांजगीर चांपा जिले के चांपा नगर में माल पुआ बनते हैं। यह केवल रथयात्रा के दिन ही बनते हैं। इसे भगवान जगन्नाथ को प्रसाद के रूप में चढ़ाया जाता है। रथयात्रा देखने के लिए दूर-दूर से लोग चांपा पहुंचते हैं और भगवान का प्रसाद मालपुआ खरीदने के बाद ही घर लौटते हैं। मालपुआ 150 से 170 रुपए किलो बिकता है।




