छत्तीसगढ़

एसपी के मार्गदर्शन और नगर निरीक्षक विवेक शर्मा के नेतृत्व में गठित टीम को मिली सफलता : शासकीय दस्तावेजों में कूटरचना करने वाला फरार पटवारी बिलासपुर से हुआ गिरफ्तार

  • पहले भी एक अन्य मामले में आरोपी पटवारी को मिल चुकी है न्यायालयीन सजा

  • मामले में एक अन्य आरोपी महिला की भी हो चुकी गिरफ्तारी

सक्ती (सक्तीटॉपन्यूज)। ‘कानून के हाथ लंबे होते हैं…’ इस वाकये को पुन: चरितार्थ किया है एसपी श्री आहिरे के मार्गदर्शन और नगर निरीक्षक विवेक शर्मा के नेतृत्व में गठित टीम ने, क्योंकि शासकीय दस्तावेजों में कूटरचना के फरार आरोपी व तत्कालीन पटवारी कुंज बिहारी बेसवाड़े को पकडऩे में सक्ती पुलिस की टीम को सफलता मिल गई है।

बताया जाता है कि तत्कालीन नायब तहसीलदार की रिपोर्ट के बाद आरोपी पटवारी पुलिस की आंख में धूल झोंककर बिलासपुर में छिपा बैठा था, लेकिन वह अधिक दिनों तक अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो सका और आखिरकार सक्ती पुलिस की उक्त गठित टीम ने उसे धर दबोचा।

ज्ञात रहे कि तत्कालीन नायब तहसीलदार शिव कुमार डडसेना ने शासकीय दस्तावेजों में कूटरचना करने पर सक्ती के तत्कालीन पटवारी कुंज बिहारी बेसवाड़े और मामले में संलिप्त हेमलता बंसल पति जगदीश बंसल के विरूद्ध 4 सितंबर 2021 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

पुलिस ने आरोपियों के विरूद्ध धारा 420, 467, 468, 471,34 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर मामले की विवेचना शुरू की, लेकिन आरोपी पटवारी कुंज बिहारी बेसवाड़े फरार हो गया, बावजूद इसके पुलिस ने मामले में संलिप्त महिला हेमलता बंसल को गिरफ्तार कर लिया, परंतु काफी लंबे समय तक मुख्य आरोपी तत्कालीन पटवारी कुंज बिहारी बेसवाड़े सक्ती पुलिस की आंख में धूल झोंककर बिलासपुर में छिपा बैठा रहा।

आरोपी पटवारी लगभग दो वषों तक पुलिस से आंखमिचौली खेलता रहा, लेकिन मुखबिर से मिली सूचना के बाद वह कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सका।

एसपी श्री आहिरे के मार्गदर्शन और एएसपी गायत्री सिंह के पर्यवेक्षण तथा नगर निरीक्षक विवेक शर्मा के नेतृत्व में शंकर साहू, आरक्षक श्याम गबेल, महासिंह सिदार रघुराज एवं निरीक्षक अमित सिंह की टीम ने उसे 26 जनवरी को बिलासपुर से गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। गौरतलब रहे कि फरार आरोपी पटवारी बेसवाड़े को पहले भी एक मामले में न्यायालयीन सजा मिल चुकी है।

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