“जो कहा, सो किया” — उपमुख्यमंत्री डॉ. अरुण साव ने निभाया वादा, नगर पालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर अग्रवाल की मांग पर मिली 4 करोड़ की स्वीकृति, चमकेगा सक्ती नगर — विकास की गंगा बहने को तैयार!

सक्ती :- छत्तीसगढ़ के यशस्वी उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. अरुण साव ने यह साबित कर दिया है कि वे वादों में नहीं, कर्म में विश्वास रखते हैं। “जो कहा, सो किया” — यह सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि उनकी कार्यशैली की पहचान बन चुकी है।

विगत दिनों सक्ती नगर के अटल परिसर में आयोजित भव्य लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर अग्रवाल ने नगर की विकास संबंधी कई मांगें रखी थीं। उसी मंच से उपमुख्यमंत्री डॉ. साव ने जनता से कहा था —
👉 “आप इस्टीमेट बनाकर भेजिए, मैं तत्काल स्वीकृति दूंगा।”
और सच में, उन्होंने अपने शब्दों को कर्म में बदलते हुए वही किया!
अब लगभग ₹4 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति का पत्र नगर पालिका सक्ती को प्राप्त हो चुका है। इससे नगर में लंबे समय से प्रतीक्षित विकास कार्यों को नई दिशा और गति मिलेगी।
🔹 स्वीकृत प्रमुख कार्य —
साहू समाज के सामुदायिक भवन निर्माण हेतु – ₹50 लाख
श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्यान विकास हेतु – ₹40 लाख
सामुदायिक भवन के जीर्णोद्धार हेतु – ₹50 लाख
नगर के अन्य विकास कार्यों के लिए – ₹2 करोड़ 60 लाख
कुल मिलाकर लगभग ₹4 करोड़ की राशि से नगर में सौंदर्यीकरण, आधारभूत सुविधाओं और सार्वजनिक स्थलों के विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री साव ने कहा था —
“हम विकास की राजनीति करते हैं, राजनीति में विकास नहीं करते। यह विष्णु देव साय जी की सुशासन की सरकार है। नगर में फंड की कोई कमी नहीं होने देंगे, बस आप जनता के हित में कार्य कीजिए।”
उनकी यह बात अब जमीनी रूप में सच साबित हो रही है।
नगर पालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर अग्रवाल ने उपमुख्यमंत्री डॉ. साव के इस संवेदनशील निर्णय के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा —
“सक्ती नगर में विकास का नया अध्याय आरंभ हो चुका है। उपमुख्यमंत्री डॉ. साव के मार्गदर्शन और सहयोग से नगर की प्रत्येक गली, चौक और बस्ती में विकास की गूंज सुनाई देगी।”
उन्होंने कहा कि यह स्वीकृति न केवल नगर के सौंदर्यीकरण में मील का पत्थर साबित होगी, बल्कि नागरिकों की सुविधाओं में ऐतिहासिक सुधार लाएगी।
यह निर्णय वास्तव में “विकास की राजनीति” का सच्चा उदाहरण है, जिसमें वादा नहीं, विकास के प्रति संकल्प और संवेदनशीलता झलकती है।




