महामंडलेश्वर अमृतानंद सरस्वती भरत महाराज के सानिध्य में धर्मनगरी शिवरीनारायण में प्रतिदिन हो रहे अद्भुत, ऐतिहासिक और अद्वितीय धार्मिक अनुष्ठान, हजारों की संख्या में कथा स्थल पर पहुंच रहे धर्म प्रेमी

सवा करोड़ शिवलिंग निर्माण में जुटे शिव भक्तों का उत्साह अद्भुत, 10 महाविद्याओं के प्रयोग की हो रही पूजा- अर्चना, प्रदेश की दिग्गज हस्तियोंं ने भी पहुंचकर लिया धार्मिक अनुष्ठान में हिस्सा
सक्ती। छत्तीसगढ़ प्रदेश में पहली बार माता शबरी की नगरी एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश की प्रसिद्ध धर्म की नगरी शिवरीनारायण में 8 नवंबर से प्रारंभ हुआ धार्मिक अनुष्ठान अभी तक का सबसे बड़ा अद्भुत एवं अद्वितीय आयोजन है। इस आयोजन में जहां छत्तीसगढ़ प्रदेश सहित अन्य राज्यों से भी प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग सह परिवार पहुंचकर इस धार्मिक अनुष्ठान का पुण्य प्राप्त कर रहे हैं, तो वहीं व्यास पीठ पर महामंडलेश्वर अमृतानंद सरस्वती भरत महाराज अपने मुखारविंद से धर्म प्रेमियों को कथा का रसपान कर रहे हैं। सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, नारायण चंदेल सपरिवार के अलावा सक्ती शहर से पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष एवं अग्रवाल सभा अध्यक्ष श्यामसुंदर अग्रवाल अपने साथियों पत्रकार कन्हैया गोयल, मनीष कथुरिया, राहुल अग्रवाल सहित कथा श्रवण करने पहुंचे और हो रहे धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होकर पुण्यलाभ अर्जित किया।
इस पूरे धार्मिक अनुष्ठान की खास बात यह है कि इसमें सवा करोड़ शिवलिंग निर्माण के साथ ही सामूहिक तुलसी विवाह एकादशी उद्यापन कार्यक्रम, 10 महाविद्याओं का प्रयोग, सहित ऐसे- ऐसे अद्वितीय, धार्मिक अनुष्ठान हो रहे हैं, जो कि छत्तीसगढ़ में एक साथ, एक ही स्थान पर पहले कभी नहीं हुए तथा सवा करोड़ शिवलिंग निर्माण में जहां पूरे क्षेत्र के लोग सुबह से लेकर देर रात तक शिवलिंग निर्माण कर रहे हैं, तो वहीं प्रतिदिन बनने वाले इस शिवलिंग को महानदी में विसर्जित कर पुन: नए शिवलिंग का निर्माण किया जा रहा है।
इस पूरे आयोजन में आने वाले लोगों के लिए बहुत ही सुंदर आवास एवं भंडारा प्रसाद की व्यवस्था की गई है, वहीं पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में शिवरीनारायण के धर्म प्रेमियों सहित पराशक्ति ज्योतिष पीठम परिवार एवं महिला मंडल के सभी सदस्य जुटे हुए हैं। 11 नवंबर को भी जहां भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव का प्रसंग संपन्न होने के साथ ही कार्यक्रम के पश्चात 10 महाविधाओं के प्रयोग की भी पूजा अर्चना महामंडलेश्वर अमृतानंद सरस्वती महाराज, पंडित वसंत दुबे तथा पंडित उमाशंकर दुबे महाराज के कुशल सानिध्य में की गई। प्रतिदिन कार्यक्रम स्थल पर बनाए गए अलग-अलग स्थल पर महाविद्याओं के प्रयोग के साथ ही पुराण भी संपन्न हो रही है तथा धर्म नगरी से आए विद्वान पंडितों की टोली जहां पूरे आयोजन को मूर्त रूप देने में लगी हुई है, वहीं भगवान शबरी की नगरी शिवरीनारायण के महानदी के किनारे अद्भुत वृहद पंडाल का निर्माण किया गया है तथा इस पंडाल में जहां लगभग 10000 की संख्या में लोग प्रतिदिन कथा श्रवण कर रहे हैं तो वहीं 12 नवंबर को सामूहिक तुलसी विवाह एवं एकादशी का उद्यापन कार्यक्रम प्रारंभ हुआ, जिसमें 108 जोड़े शामिल हो रहे हैं, तथा माता तुलसी जी की देर रात बारात निकलेगी तो वहीं 13 नवंबर को भंडारा प्रसाद का आयोजन किया गया।
आयोजन में पहुंचे धर्मप्रेमी एवं समाजसेवी श्यामसुंदर अग्रवाल ने बताया कि ऐसा धार्मिक अनुष्ठान हमने कहीं नहीं देखा तथा माता शबरी की नगरी जो कि भगवान श्री रामचंद्र जी का इतिहास इस शिवरीनारायण से जुड़ा हुआ हैद्ध इस शिवरीनारायण से ही राम वन गमन पथ भी दर्शित है साथ ही महानदी के किनारे हो रहे इस अनुष्ठान को लेकर जहां प्रतिदिन लोग आस्था के साथ शिवलिंग का निर्माण कर रहे हैं, तो वहीं 14 नवंबर को इस पूरे आयोजन का समापन होगा तथा दूर दराज से पहुंचे लोगों में जहां आस्था उमड़ रही है तो वहीं शिवरीनारायण शहर के अलावा सक्ती के धर्म प्रेमी भी इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में तन मन धन से जुटे हुए हैं।
इस संबंध में महामंडलेश्वर अमृतानंद सरस्वती जी भरत महाराज का कहना है कि यह धार्मिक अनुष्ठान सभी भक्त गणों के सहयोग से संपन्न हो रहा है एवं उन्होंने अपने जीवन में देश के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर ऐसे अनुष्ठान किए हैं तथा यह अनुष्ठान अपने आप में एक ऐतिहासिक एवं यादगार है, जिसमें शामिल होने भक्तों में भी काफी उत्साह देखा जा रहा है, आयोजन के दौरान प्रतिदिन जहां प्रसाद का वितरण हो रहा है तो वही भंडारा प्रसाद में भी सैकड़ों की संख्या में लोग प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं, इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में पराशक्ति ज्योतिष पीठम परिवार शक्ति के सारे सदस्य जुटे हुए हैं, तो शक्ति शहर की महिला मंडल के सदस्य भी इस पूरे आयोजन में जुटे हुए हैं।




