मां महामाया देवी मंदिर में मार्ग अमावस्या/अगहन अमावस्या के शुभ अवसर पर हुआ सुंदरकांड का पाठ, मां महामाया की हुई सामूहिक आरती

सक्ती। मां महामाया देवी की अनुकंपा से मार्ग अमावस्या (अगहन अमावस्या) को मंदिर में सुंदरकांड का पाठ शाम 5 बजे प्रारंभ किया गया। राम दरबार हनुमान जी की आरती के पश्चात नियत समय 6,30 बजे महामाया देवी की आरती सामूहिक ली गई एवं प्रसाद वितरण किया गया। मार्ग शीर्ष अमावस्या में सुंदरकांड का पाठ कर आम जनों की खुशहाल जीवन के लिए प्रार्थना की गई। लगातार अमावस्या एवम पूर्णिमा को सुंदरकांड का पाठ होने से माता भक्तो,में लगाव बढऩे लगा है।
उक्त जानकारी देवेन्द्र सोनी ने देते हुए बताया कि मंदिर में सुंदरकांड के पाठ करने में सभी भक्तों का पूर्ण सहयोग रहा जिनमे प्रमुख रूप से मंदिर के पुजारी गजराज सिंह, रमैया सिदार, आचार्य के रूप में हरिमिश्रा, चंद्रभान ब्रजवासी, आत्म पटेल, दिव्या सिंह,जमुना जैसवाल, फुलेश्वर गैवल, गोपाल अग्रवाल, राधेश्याम, प्रह्लाद अग्रवाल, नरेंद्र जायसवाल आदि भक्तो ने शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाया।




