
रायपुर/सक्ती। कस्टम मिलिंग की राशि बढ़ाने की मांग पर अड़े राईस मिलर्स और सरकार के बीच बातचीत का नतीजा बेअसर नजर आ रहा है। हाल यह है कि मिलर्स मिलिंग के लिए एग्रीमेंट नहीं कर रहे हैं और धान का उठाव नहीं हो रहा है। इन सबके बीच मार्कफेड द्वारा धान को सोमवार से संग्रहण केंद्रों में रखने की व्यवस्था करने जा रही है।
सक्ती जिले के साथ-साथ पूरे प्रदेश के राईस मिलर्स अपनी मांगों को लेकर कस्टम मिलिंग के लिए एग्रीमेंट करने को तैयार नहीं दिख रहे हैं। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में तेजी आ गई है। प्रदेश में अब तक करीब 7 लाख टन धान खरीदे भी जा चुके हैं, वहीं धान अभी तक सोसायटियों में पड़े हुए हैं और इसका उठाव नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में धान खरीदी में तेजी आएगी और आवक बढ़ेगी। इन सबको देखते हुए सोसायटियों में किसी तरह की जाम की स्थिति न बनें, इसके लिए मार्कफेड ने तैयारी शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक कल से धान संग्रहण केंद्रों में रखना शुरू हो जाएगा। खाद्य विभाग के जुड़े लोगों का कहना है कि हड़ताल लंबे समय तक चली तो धान खरीदी पर असर पड़ सकता है। कस्टम मिलिंग के अलावा अन्य विषयों को लेकर सरकार से चर्चा जारी है। सीएम विष्णुदेव साय के अलावा, दोनों डिप्टी सीएम व वित्त मंत्री और खाद्य मंत्री को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया जा चुका है। सूत्रों ने बताया कि राईस मिलर्स की मांग से सरकार भी सहमत दिख रही है लेकिन कोई निर्णय नहीं हो पाया है, और जब तक निर्णय नहीं हो जाता, कस्टम मिलिंग के लिए एग्रीमेंट हो पाना मुश्किल नजर आ रहा है।




