पुड़िया ले पुड़िया! हसौद क्षेत्र में सरेआम फल-फूल रहा गांजे का अवैध कारोबार, पुलिस की निष्क्रियता से गांजा तस्करों की पांचों अंगुलियां घी में

ओडिशा से मंगाकर छोटे-छोटे तस्करों को सप्लाई किए जाने की खबर
सक्ती। सक्ती जिले के हसौद थाना क्षेत्र में इन दिनों गांजे का अवैध कारोबार बड़ी तेजी से फल-फूल रहा है। युवा तो युवा, छोटे-छोटे बच्चे भी इसकी जद में आ चुके हैं। बताया जाता है कि ओडिशा से गांजे की खेप मंगाकर छोटे डीलरों तक पहुंचाई जा रही है और पुड़िया बनाकर नशेड़ियों तक पहुंचाया जा रहा है। हसौद पुलिस के निष्क्रिय रवैये के कारण इस गोरखधंधे में डूबे हुए नशे के कारोबारियों की पांचों अंगुलियां घी में हैं, वहीं ग्रामीण अंचलों में युवा, बच्चे, बूढ़े सभी इसकी गिरफ्त में फंसते जा रहे हैं।
सक्ती जिले के हसौद थाना में एनडीपीएस की कार्यवाही लगभग 1 साल तक नहीं होने से गांजा तस्करों के हौसले बुलंद हो गए हैं। सूत्रों से पता चला है कि गांजा तस्करों द्वारा खुफिया स्थानों में छिपाकर पुड़िया रखी जाती है, जिसे ग्राहक को 50-100 रूपये में बेचा जाता है। दरअसल हसौद थाना क्षेत्र के कई गांव में गांजा तस्करी का अवैध गोरख धंधा चल रहा है हसौद पुलिस की निष्क्रियता से तस्करों की धंधा फल फूल रहा है, साथ ही हसौद थाना पुलिस द्वारा साल भर से गांजा तस्करों के ऊपर कोई कार्रवाई नहीं होने से उनके हौसले बुलंद है।
क्षेत्र में अवैध गांजे की तस्करी के वजह से छोटे-छोटे बच्चे भी नशे की गिरफ्त में फंसते जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक गांजा की बड़े खेप उड़ीसा से मंगाकर मिरौनी बैराज के रास्ते या जैतपुर महानदी पुल से बरेकेल होते हुए हसौद क्षेत्र के गांवों में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में छोटे तस्करों को सप्लाई की जा रही है। इसके बाद क्षेत्रीय तस्कर छोटे-छोटे कागज की पुड़िया बनाकर गांव के ग्राहकों को देते हैं। हसौद क्षेत्र में लंबे समय से कार्यवाही नहीं होने के कारण गांजा तस्करों की हौसले बेहद बुलंद है।




