छत्तीसगढ़

विश्व दिव्यांग दिवस पर दृष्टि बाधित विद्यालय में गोष्ठी का हुआ आयोजन, न्यायाधीशों ने की दिव्यांगजनों के उज्जवल भविष्य की कामना

सक्ती। विश्व दिव्यांग दिवस पर स्थानीय दृष्टि बाधित विद्यालय में गोष्ठी के साथ सांस्कृतिक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के द्वारा देव पूजन और दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

इसके पश्चात कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रशांत शिवहरे ने सभी विद्यार्थियों को दिव्यांग जनों का समाज का विशिष्ट जन बताते हुए दिव्यांग दिवस की बधाई देकर उनके उज्जवल भविष्य की कामना किया तो वहीं द्वितीय अपर जिला न्यायाधीश बी आर साहू ने बच्चों को पहली मुलाकात के संस्मरण याद दिलाते हुए कहा कि आप सभी अपने शिक्षा और मेहनत के बल पर समाज में अपनी सर्वश्रेष्ठ भूमिका अदा करें।

अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के अवसर पर दृष्टि बाधित विशेष विद्यालय शक्ति में एक विशेष विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया, जिसमे माननीय श्री प्रशांत कुमार शिवहरे प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने समाज में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण और उनके अधिकारों के महत्व पर प्रकाश डाला। इस आयोजन का उद्देश्य दिव्यांगजनों के लिए न्याय प्रणाली को अधिक समावेशी और सुलभ बनाना था। माननीय श्री बी आर साहू द्वितीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 के तहत समता और गरिमा के अधिकार का हवाला देते हुए दिव्यांगजनों के अधिकारों को मजबूत करने की आवश्यकता बताई।

इन पलों में विशिष्ट अतिथि एवं संरक्षक जसबीर सिंह चावला ने विद्यालय के इतिहास से आज तक की सफर पर चर्चा करते हुए कहा कि जसवंत आदिले के प्रयास में हम कुछ हाथ बंटा पा रहें हैं यह मेरे लिए सौभाग्य बात है तथा इस विद्यालय के लिए शासन के साथ है सामाजिक बंधुओं को भी बहुत कुछ करने की आवश्यकता है। कार्य क्रम में संरक्षक संचालक व प्रचार एवं समस्त शिक्षक एवं समस्त छात्र-छात्रा साथ ही श्री मनीष कुमार साहू व श्रीमति उमा वर्मा पैरालीगल वॉलिंटियर उपस्थित रहे।

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