छत्तीसगढ़

जन समस्या निवारण शिविर में दिव्यांगों को जंग लगी ट्रायसिकल का मिला तोहफा, विभागीय अधिकारी भी रहे नदारद, गिफ्ट में हवाविहीन पंक्चर टायर भी शामिल

बाराद्वार। वैसे तो जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन आम जनता की समस्याओं को सुनकर, समझकर उन्हें तत्काल मौके पर या प्राप्त आवेदनों के माध्यम से जल्द से जल्द निराकृत करने के उद्देश्य से किया जाता है, परंतु यदि ऐसे शिविरों में चलने फिरने में असमर्थ दिव्यांगों को जंग लगी हवाविहीन पंक्चर टायर वाली ट्रायसिकल थमा दी जाए तो इस तरह के आयोजनों पर सवालिया निशान लगना लाजिमी है। कुछ ऐसा ही मामला बाराद्वार के ग्राम सरहर में सामने आया, जहां आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में जंग लगी ट्रायसिकल लेकर मुरझाए चेहरों के साथ दिव्यांग हितग्राही लौट गए।

अब समाचार विस्तार से:-

जानकारी के मुताबिक सक्ती जिले के बाराद्वार क्षेत्रान्तर्गत ग्राम सरहर में जिला स्तरीय जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। मौके पर लोगों ने पहुंचकर विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ भी उठाया, लेकिन यहां एक ऐसा वर्ग भी मौजूद था, जिसे शासकीय योजनाओं का लाभ मिलने के बावजूद उनमें प्रसन्नता का अभाव साफ झलक रहा था। यहां आयोजित शिविर में दोपहर 1 बजे जनपद पंचायत बम्हनीडीह से एक आटो में लोड कर जंग लगी तीन ट्रायसिकल लाई गई, जिन्हें पात्र हितग्राहियों को बांटकर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली गई।

ट्रायसिकल की खासियत यह थी कि अधिकांश पहियों में हवा नहीं थी, कुछ पंक्चर भी थे। मुरझाए चेहरों के साथ मायूस होकर दिव्यांग हितग्राही इन्हें लेकर अपने गंतव्य को चले गए, वहीं विभागीय अधिकारी भी मौके से नदारद रहे। शिविर की अव्यवस्था का आलम यही खत्म नहीं होता, आयोजन स्थल में अधिकांश कुर्सियां खाली थीं। खबर है कि बांटी गई सामग्रियां भी गुणवत्ताविहीन पाई गईं।

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