सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सक्ती में विशेषज्ञ चिकित्सकों और समुचित संसाधनों का अभाव, मोतियाबिंद और सिजेरियन ऑपरेशन हुआ बाधित

वेतन भुगतान लंबित होने से चिकित्सक परेशान , एनेस्थीसिया विशेषज्ञ के न होने से आपातकालीन सर्जरी का काम प्रभावित
सक्ती। सक्ती जिला मुख्यालय के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में समुचित संसाधनों की कमी व विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव के कारण जहां मोतियाबिंद और सिजेरियन ऑपरेशन का काम पूर्णत: बाधित हो गया है, वहीं एनेस्थीसिया विशेषज्ञ के न होने से आपातकालीन सर्जरी भी अब संभव नजर नहीं आ रही है, जबकि यहां पदस्थ चिकित्सकों के वेतन का भुगतान भी काफी समय से लंबित है। ऐसे में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को उचित उपचार मिल पाना संभव नजर नहीं आ रहा है।
ज्ञात रहे कि जिला मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 9 विशेषज्ञ चिकित्सक अपनी सेवाएं दे रहे थे। सिजेरियन प्रसव और मोतियाबिंद आपरेशन का लाभ मरीजों को जहां मिल रहा था, वहीं सीएचसी में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में जिला प्रशासन के साथ साथ यूनिसेफ भी अपनी महती भूमिका निभा रहा था, परंतु जिला मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से अब कई सेवाएं बाधित होने लगी हैं।
सीएचसी में पदस्थ मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ सरजू राठिया, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ शीतल दास मानिकपुरी,नेत्र रोग विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ शगुफ्ता अमीन की अन्यत्र पोस्टिंग हो जाने के बाद अब यहां आईसीयू का लाभ भी मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ शगुफ्ता अमीन के स्थानांतरण से मोतियाबिंद आपरेशन सेवा बाधित हुई है, वहीं निश्चेतना विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ शीतल दास मानिकपुरी के स्थानांतरण से भी सिजेरियन आपरेशन बाधित हो गया है।
बताया जाता है कि मोतियाबिंद आपरेशन के लिए पदस्थ नेत्र सर्जन डॉ शिवांगी रंजनी का विगत 7 माह का वेतन भुगतान लंबित होने और मोतियाबिंद ऑपरेशन हेतु आवश्यक औषधि कंसयुमेबल की अनुपलब्धता जैसी भयंकर लापरवाही के कारण उपचार प्रभावित होना लाजिमी है। ज्वाइनिंग के बाद से अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉक्टर बादल का अब तक लगभग 3 माह का वेतन भुगतान लंबित है। विशेषज्ञ चिकित्सकों को समय पर वेतन और अस्पताल में संसाधनों की व्यवस्था पर यदि समय रहते ध्यान केंद्रित नहीं किया गया तो इसका खामाजिया आम लोगों को उठाना पड़ सकता है।




