जिला खनिज संस्थान न्यास मद का हो रहा जमकर दुरूपयोग, जनपद पंचायत सक्ती में कमीशनखोरी का हो रहा खेला!

20 से 25 प्रतिशत कमीशन पर काम दिए जाने की खबर! जनप्रतिनिधियों की हो रही अनदेखी
सक्ती। जिला खनिज संस्थान न्यास मद से कराये जाने वाले विकास कार्यों ग्रहण लगने की खबर मिली है। बताया जाता है कि न्यास मद से विकास कार्यों हेतु स्वीकृत होने वाली राशि पर नजरें गड़ाए, कुंडली मारकर बैठे शासकीय दलाल इन दिनों भ्रष्टाचार में आकंठ डूबकर कमीशनखोरी के खेल में मशगूल हैं। सूत्रों से खबर मिली है कि जिले में खनिज संस्थान न्यास मद से विकास कार्यों के लिए राशि की स्वीकृति मिल पाना जनप्रतिनिधियों के लिए दूर की कौड़ी साबित हो रही है, क्योंकि यहां दबेपांव चल रहा है कमीशनखोरी का खेला…। 20 से 25 प्रतिशत कमीशन दीजिए और काम लीजिए, जी हां! इसकी शिकायत किए जाने पर जनप्रतिनिधियों को काम न दिए जाने का रौब झाड़ा जा रहा है।
”सक्ती जिले के कलेक्टर श्री तोपनो काफी साफ सुथरी छवि के हैं। उन्हें चाहिए कि डीएमफ के इन कार्यों की विशेष टीम गठित कर जांच कराएं जिले के शासकीय धनराशि के अपव्वय पर रोक लगाएं, जिससे जिले की छवि बेहतर बन सके।”
वास्तव में जिस उद्देश्य को लेकर खनिज न्यास का गठन किया गया है, उसका सक्ती जिले में पालन नहीं किया जा रहा है। जिले में जनपद पंचायत एवं शासकीय विभाग के कुछ अधिकारियों-कर्मचारियों के द्वारा 25 से 30 प्रतिशत कमीशन पर काम दिए जाने की खबर मिली है। जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत एवं जिले में कुण्डली मारकर बैठे सरकारी दलाल 25 से 30 प्रतिशत कमीशन का खेल खेल रहे हैं और जनप्रतिनिधियों को गांवों के विकास कार्य हेतु दी जाने वाली राशि से महरूम किया जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि इन शासकीय दलालों के हौसले इतने बुलंद हो चले हैं कि वे फोन करके सरपंचों से कमीशन मांगने से बाज नहीं आ रहे हैं। और तो और वे यह कहने भी नहीं चूक रहे हैं कि ”आपको काम दिलाने की जवाबदारी हमारी है, 20-25 प्रतिशत कमीशन दीजिए, काम लीजिए।” गांव के सरपंचों का कहना है कि सरकारी दलालों द्वारा कमीशन का राज खोलने पर काम से महरूम करने की बात ताल ठोंककर कही जा रही है।




