सक्ती के एक दर्जन से अधिक धान खरीदी केंद्रों में अब तक नहीं हो सकी बोहनी, दिसम्बर माह के प्रथम सप्ताह के बाद आएगी तेजी

सक्ती। राज्य शासन के निर्देश पर प्रदेश सहित सक्ती जिले में 14 नवंबर से धान की खरीदी का सिलसिला प्रारंभ तो हो गया है, लेकिन अब तक जिले के एक दर्जन से अधिक धान खरीदी केंद्रों में बोहनी तक नहीं हुई है। हालांकि यहां धान खरीदी हेतु प्रारंभिक तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं, लेकिन दिसम्बर के प्रथम सप्ताह के बाद ही इन केंद्रों में धान खरीदी के काम में तेजी आने की संभावना है।

जिले में कुल 24 धान उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं, जहां समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की जा रही है। इनमें से लगभग 10 केंद्रों में धान खरीदी अनवरत् रूप से जारी है, परंतु 14 धान खरीदी केंद्रों में अब तक वीरानी छाई हुई है। सोठी, पोरथा, देवरमाल, पतेरापाली, चीखलरौदा, सकरेली, असौंदा, खैरा, नवापारा, नगरदा, नंदौरखुर्द, आमापाली के धान खरीदी केन्द्र में अब तक बोहनी नहीं हुई है। मौका मुआयना करने पर पता चला है कि उपरोक्त धान खरीदी केंद्रों में पहुंचने वाले किसानों के धान की कटाई अब तक मजदूरों की कमी के चलते नहीं हो पाई है, वहीं कुछ किसानों ने बताया कि उनकी फसल अब तक पूरी तरह पककर तैयार नहीं हुई है, जबकि कुछ किसानों के खेत अब तक गीले हैं, जिससे हार्वेस्टर मशीन वहां तक ले जाना मुश्किल हो गया है। इसके चलते धान कटाई का काम प्रभावित हुआ है। किसानों का कहना है लगभग एक सप्ताह के बाद ही धान कटाई के काम में तेजी आएगी।
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बिलासपुर शाखा शक्ति के शाखा प्रबंधक शैलेंद्र तिवारी का कहना है कि आने वाले 2 से 5 दिसंबर के बीच धान के लिए टोकन किसानों द्वारा काटा गया है और जहां धान खरीदी का शुभारंभ नहीं हुआ है वहां दिसंबर के प्रथम सप्ताह तक सभी धान खरीदी केंद्रो में शुभारंभ हो जाएगा,जहां समर्थन मूल्य पर किसानों के धान की खरीदी की जाएगी।




