‘चला दीदी बिजनेस करबो…खरीदबो बेचबो अऊ परचार करबो’ की खुली पोल : फ्लोरमैक्स कंपनी की टॉप महिला लीडर्स हुईं गिरफ्तार, धोखाधड़ी का हुआ खुलासा तो छलक उठीं निवेशकों की आखें

सक्ती। महिलाओं की आय में बढ़ोत्तरी करने का झांसा देकर टीम लीडरों को कार बांटने वाली फ्लोरा मैक्स कंपनी द्वारा धोखाधड़ी का मामला प्रकाश में आया है। कोरबा जिले में इस कंपनी द्वारा की गई धोखाधड़ी की जांच जहां जारी है, वहीं चांपा थाना में भी इसकी शिकायत दर्ज कराई गई है। बताया जाता है कि हजारों की संख्या में महिलाएं इस कंपनी की ठगी का शिकार हुई हैं। कंपनी की टॉप महिला लीडर्स को गिरफ्तार कर उनसे सात कार भी जब्त किया गया है, वहीं कंपनी के डायरेक्टर को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
…छलके उठे आंसू
बैंकों से लोन लेकर फ्लोरमैक्स कंपनी में करने करन वाली महिलाओं के आंसू उस वक्त छलके उठे जब उन्हें खुद के ठगे जाने का अहसास हो गया। कलेक्टोरेट पहुंची इन महिलाओं ने बताया कि अब उन्हें बैंकों में किस्त जमा करने की चिंता सताने लगी है। फ़्लोरा मैक्स से जुड़ी जिन टॉप-10 टीम लीडर्स को गिरफ्तार किया है उसमें संतोषी साहू, सरिता वैष्णव, पूनम मुदलियार, सरोजनी वैष्णव, सरोजनी चंद्रा,गुडिय़ा सिंह, उमेश्वरी नायडू, हेमबाई यादव, कल्याणी नामदेव और हेमा ताडिय़ा शामिल हैं। फिलहाल पुलिस गिरफ्त में ली गई कंपनी की टॉप 10 महिला लीडर्स से पूछताछ जारी है। बताया जाता है कि कंपनी के द्वारा 37 हजार महिलाओं से करीब 150 करोड़ की ठगी की गई है।
कंपनी की कार में घूम-घूमकर किया जा रहा था प्रचार-प्रसार
बताया जाता है कि इस कंपनी के द्वारा टॉप 10 महिला लीडर्स को इसलिए कार दिया गया था ताकि वे कार में कंपनी का सामान लेकर दूर-दूर तक घूम-घूमकर कंपनी और उसके प्रोडक्ट का प्रचार-प्रसार कर सकें। धोखाधड़ी का खुलासा होने के बाद उन निवेशकों के हाथों के तोते उड़ गए हैं, जिन्होंने कार और मुनाफे के लालच में कर्ज लेकर इस कंपनी में जमकर निवेश किया। बताया जाता है कि कंपनी की टॉप महिला लीडर्स कार में एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाकर अन्य लोगों के बीच कंपनी का प्रचार प्रसार कर उन्हें कंपनी में निवेश के लिए यह बताकर उकसाती थीं कि हमारी कंपनी काफी बड़ी है और इसमें निवेश बिल्कुल सुरक्षित है। पुलिस ने कंपनी के डायरेक्टर राजू सिंह, केशियर मयाराम साहू को भी गिरफ्तार कर लिया है।




