
सक्ती । स्थानीय जे.एल.एन. डिग्री कालेज सक्ती में 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया गया, जिसके अन्तर्गत संविधान के निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के छाया चित्र पर प्राचार्य द्वारा दीप प्रज्वलन एवं फूलमाला अर्पित कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त किया गया। उनके कठिन परिश्रम एवं दूरदर्शिता पूर्वक बनाये हुए संविधान का अनुशरण कर राष्ट्र आज विश्व में अपनी नई पहचान बना रहा है।
प्राचार्य डॉ. पाहवा ने कहा कि यह दिन भारतीय संविधान को अंगीकृत करने की याद में मनाया जाता है। भारत का संविधान विश्व का सबसे बड़ा संविधान है। अमेरिका से मौलिक अधिकार, ब्रिटेन से संसदात्मक शासन प्रणाली, फ्रांस से स्वतंत्रता समता एवं बंधुत्व का सिद्धांत, आयरलैंड से नीति निर्देशक तत्व लिया गया है। इस तरह से विभिन्न देशों की शासन व्यवस्था को लेकर जो हमारे देशकाल परिस्थितियों के अनुकुल थी। उसे लेकर संविधान मे शामिल कर विश्व का सर्वोत्तम एवं अद्भूत संविधान बनाया गया। इस संविधान का पालन करते हुए आज देश उत्तरोत्तर विकास के नये सोपानो को पार करता हुआ विश्व में अपनी अलग पहचान बनाते हुए अर्थव्यस्था में पांचवा स्थान एवं 2047 तक विकसित भारत पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्राचार्य द्वारा वाचन एवं महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, छात्र/छात्राओं एवं कर्मचारियो के साथ सामुहिक वाचन किया गया। इस कार्यक्रम में डॉ. देवेन्द्र शुक्ल, नारायण उपाध्याय, प्रो. शशिभूषण बरेठ एवं प्रो. दुर्गा यादव ने अपना उद्बोधन दिया। उक्त कार्यक्रम में बी.ए.द्वितीय वर्ष के छात्र पप्पू खर्रा, बी.ए. प्रथम सेमेस्टर के अश्विनी पटेल एवं अन्य छात्र/छात्राओं ने संविधान दिवस पर अपना विचार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम का सफल संचालन प्रो. मेघनाथ जायसवाल ने किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण, कर्मचारीगण एवं छात्र/छात्राए उपस्थित रहे।




