छत्तीसगढ़

रोजगार सहायक की काली करतूत उजागर : पीएम आवास योजना में फर्जीवाड़ा…ऊपर से कमीशनखोरी!

एक ही मकान को तीन अलग अलग दिशा से फोटो खींचकर कर दिया जिओ टैग

सक्ती। पीएम आवास योजना का लाभ दिलाने रोजगार सहायक द्वारा फर्जीवाड़ा किए जाने की शिकायत मिली है। रोजगार सहायक द्वारा फर्जी जिओ टैग कर बिना मकान निर्माण किए ही पैसा निकलवाये गये। इतना ही नहीं, आवास निर्माण के नाम पर खुद भी भारी भरकम रकम की डिमांड की गई, वहीं मनरेगा में भी इस रोजगार सहायक द्वारा फर्जी मजदूरों का नाम दिखाकर शासन को लाखों रूपये का चूना लगा दिया गया है। कलेक्टर से शिकायत किए जाने के बाद रोजगार सहायक द्वारा शिकायतकर्ता पर मामले को वापस लेने का दबाव डालते हुए उसका भयादोहन किया जा रहा है, जिसकी शिकायत प्रार्थी ने एसपी सुश्री अंकिता शर्मा से भी की है।

जिले में पीएम आवास के नाम पर रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है। पीएम आवास जैसे महत्वाकांक्षी योजना का लाभ गरीब परिवार तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है, परंतु रोजगार सहायक अजय बरेठ द्वारा फर्जी जिओ टैग कर बिना मकान निर्माण किए ही पैसा निकलवाने, और उसमें खुद भारी भरकम कमीशन की मांग किए जाने पर वार्ड क्र. 6 पटेल मोहल्ला ग्राम हरेठी निवासी जय कुमार खैरवार ने इसकी शिकायत जिला कलेक्टर से की है।

कलेक्टर को सौंपे गए शिकायत पत्र के माध्यम से बताया गया है कि ग्राम पंचायत हरेठी के रोजगार सहायक अजय बरेठ के द्वारा पीएम आवास योजना का फार्म भरने एवं जियोटेक के नाम से हितग्राहियों से पांच सौ से एक हजार रूपये तक की अवैध वसूली की गई है। राशि नहीं दिए जाने जियोटैग करने से रोजगार सहायक इंकार कर देता है और पीएम आवास योजना के तहत पुराने आवास को नया बताकर शासन को लगभग 30 से 40 हजार रूपये का चूना लगा चुका है। ग्रामीणों का आरोप है रोजगार सहायक अजय बरेठ मनरेगा में फर्जी व्यक्तियों के नाम पर लाखों रुपये का गबन कर चुका है।

सक्ती जिले के ग्राम पंचायत हरेठी में बुधराम खैरवार, सुधराम खैरवार, देवलाल खैरवार, संतोष खैरवार के नाम पीएम आवास योजना के अंतर्गत पूर्व से बने एक ही मकान को तीन अलग अलग दिशा से फोटो खींच कर जिओ टैग करते हुए रोजगार सहायक ने फर्जीवाड़ा कर सरकार को चूना लगा दिया है। इस पूरे खेल में जनपद के कई अधिकारियों की भी संलिप्तता होने की बात कही जा रही है। गांव के ही जय कुमार खैरवार ने इस पूरे मामले की शिकायत जिम्मेदार अधिकारियों से की है वहीं शिकायत के बाद पूरे मामले में जांच शुरू तो की गई है, जिसमें कई हितग्राहियों के बयान के बाद फर्जीवाड़ा किया जाना पाया गया है।

मामले की जांच करने पहुंचे जनपद अधिकारी गौरीशंकर चौधरी और मधुसूदन पटेल ने अभी तक उच्चाधिकारियों को जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया है, जिससे मामला गड़बड़ नजर आ रहा है। सवाल यह है कि पूरे मामले की जांच का जिम्मा जनपद के ही अधिकारियों को दिया गया है, जो खुद सरकार की महत्वाकांक्षी योजना को पलीता लगाने में जुटे हुए हैं।

सीईओ प्रीति पवार

जपं सक्ती सीईओ प्रीति पवार का कहना है कि ग्राम पंचायत हरेठी में पीएम आवास में रोजगार सहायक अजय बरेठ के द्वारा गड़बड़ी करने की शिकायत मिली थी, जिसमे टीम बनाकर जांच कराई गई है। जांच टीम ने अभी तक जांच प्रतिवेदन नहीं दिया गया है, जांच प्रतिवेदन आते ही दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

 

 

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