छत्तीसगढ़

शहर के सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित भारत माता की आरती कार्यक्रम में शामिल हुए सेवानिवृत शिक्षक और वरिष्ठ साहित्यकार, विद्यालय के पूर्व छात्र भी रहे मौजूद

विद्यालय में प्रति शनिवार किया जाता है भारत मां की आरती कार्यक्रम का आयोजन

सक्ती। शहर के अखराभाठा में संचालित सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय द्वारा प्रत्येक शनिवार की भांति 09 नवम्बर को त्रयोदश भारत माता की आरती संपन्न हुई जिसमें वयोवृद्ध (80 वर्ष) कवि एवं लेखक तथा सेवानिवृत शिक्षक दुलेश्वर प्रसाद राठौर के मुख्य आतिथ्य में कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम में भूतपूर्व छात्र मिथिलेश जायसवाल, डोमेन्द्र देवांगन के साथ-साथ प्राचार्य, प्रधानाचार्य आचार्य, आचार्या एवं अन्य भैया बहन उपस्थित थे।

मुख्य अतिथि दुलेश्वर प्रसाद राठौर ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में विद्यार्थियों के लिए अनुशासन के महत्व पर प्रकाश डाला।उन्होंने बताया कि अनुशासन, अल्पहारी, गृह त्यागी और ज्ञान अर्जन सफल विद्यार्थी के गुण होते हैं। कवि एवं लेखक तथा सेवानिवृत शिक्षक दुलेश्वर प्रसाद राठौर की महत्वपूर्ण रचनाएं सरस्वती कवितावली, श्री श्याम गीता, गीता का छत्तीसगढ़ी में अनुवाद, दुलेश दूत और दुलेश्वरम पद्य प्रसिद्ध हैं।

विद्यालय के कोषाध्यक्ष राम अवतार अग्रवाल द्वारा भैया दुलेश्वर प्रसाद राठौर को शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर रामावतार अग्रवाल ने कहा कि श्री राठौर के कार्य सराहनीय हैं। आज हमारे विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति के प्रति हम आभारी रहेंगे।

Related Articles