नगरीय निकाय एवं ग्राम पंचायत चुनाव की तैयारी शुरू : कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव, प्रदेश कांग्रेस सह प्रभारी जरिता लेतफ लांग एवं नेता प्रतिपक्ष डॉ. महंत ने ली कांग्रेस पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक, एकजुट होकर चुनाव में कांग्रेस का परचम लहराने का किया आव्हान

जरिता लैतफलांग सक्ती दौरे पर, कार्यकर्ताओं को किया रिचार्ज, सरकार को भी घेरा

सक्ती। नगरीय निकाय एवं ग्राम पंचायत चुनाव 2024 की सुगबुगाहट तेज हो गई है। इसे लेकर आज जिला कांग्रेस कमेटी की बैठक आयोजित की गई, जिसमें मौजूद कांग्रेस की सहप्रभारी जरिता लेतफ लांग एवं नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कांग्रेस पदाधिकारियों से एकजुट होकर संगठन के लिए काम करने का आह्वान किया। बैठक में उन्होंने छत्तीसगढ़ चुनाव में हार और नगरीय निकाय चुनाव को लेकर नेताओं और कार्यकर्ताओं से चर्चा की। बैठक में जिला ब्लॉक पदाधिकारी, लोकसभा प्रभारी सहित विधानसभा प्रभारीगण समेत काफी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बैठक में सहप्रभारी जरिता लेतफ लांग ने कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से संगठन के काम में बढ़-चढक़र भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जिन कार्यकर्ताओं की आयु 50 वर्ष से कम है, उन्हें संगठन के लिए काम करने का अवसर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुछ कार्यकर्ता नाराज चल रहे हैं, ऐसे कार्यकर्ताओं से भी उन्होंने संगठन में एकजुटता के साथ काम करने का आग्रह किया। नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियों के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा लोगों के बीच जाकर हम कांग्रेस पाटी्र की विचारधारा से अवगत कराएंगे।
त्रिपुरा में महिलाओं का हो रहा उत्पीड़न
त्रिपुरा के बारे में पूछे जाने पर एक सवाल के जवाब में उन्होंने भाजपा नेताओं पर महिला उत्पीड़न में संलिप्त होने का आरोप लगाते हुए कहा कि त्रिपुरा में जिस तरह से कहर ढाया जा रहा है, महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं, जिस तरह कार्यकर्ताओं पर अटैक किया जा रहा है, इसका जीवंत उदाहरण मैं खुद हूं और मैं इससे भलीभांति परिचित हूं।
छत्तीसगढ़ में न्याय और प्रशासन पूरी तरह ठप्प
कांग्रेस सहप्रभारी जरिता लैतफलांग ने मीडिया से चर्चा में छत्तीसगढ़ में महिलाओं के साथ होने वाली घटनाओं पर दुख जताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में न्याय और प्रशासन पूरी तरह ठप्प पड़ा गया है। चाहे बलौदाबाजार की बात हो या सूरजपुर की, कल रात बलरापुर की बात हो, कानून व्यवस्था बिल्कुल ठप्प पड़ चुकी है। छत्तीसगढ़ के लोग त्रस्त हो चुके हैं। 10 से 11 महीने में तीन हजार से अधिक महिलाएं उत्पीडऩ का शिकार हो चुकी हैं और सरकार इसकी अनदेखी कर रही है। एक महिला होने के नाते मुझे लगता है कि सरकार को जो कार्रवाई करनी चाहिए, नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि मां छत्तीसगढ़ की भूमि पर महिलाओं के साथ दुव्र्यवहार किया जा रहा है। चाहे ज्यूडिशियल कस्टडी में मोत हो या बात हो या चाहे न्याय प्रशासन की बात हो हर तरफ से सरकार फेल हो चुकी है। सबसे मजेदार बात है कि हमें यह तक पता नहीं कि प्रदेश में सरकार कौन चला रहा है। प्रदेश के गृहमंत्री के मुताबिक प्रदेश में सुख शांति कायम है के जवाब में उन्होंने गृहमंत्री पर कटाक्ष करते हुए उनके बयान को सिरे से खारिज कर दिया।




