
*टोकन, डीओ सब लेकर भी गाड़ी गायब!
Kia Mousa रायगढ़ पर गंभीर आरोप —
जब ‘नई दुनिया–मूलमंत्र’ के जिला प्रतिनिधि सुरक्षित नहीं, तो आम ग्राहक का क्या हाल?**
मौसा जी Kia रायगढ़ पर भरोसे का लगा ब्रेक
समाचार
छत्तीसगढ़ सरकार की ऑटो एक्सपो योजना के तहत आरटीओ एवं इंश्योरेंस में 50 प्रतिशत तक की छूट आम नागरिकों के लिए राहत का माध्यम है, लेकिन Kia Mousa शोरूम रायगढ़ की कार्यप्रणाली ने इस जनहितकारी योजना को ही सवालों के घेरे में ला दिया है। शोरूम पर टोकन राशि और बैंक डीओ लेने के बावजूद वाहन डिलीवरी में जानबूझकर देरी करने के गंभीर आरोप सामने आए हैं।
इस मामले में पीड़ित कोई आम ग्राहक नहीं, बल्कि ‘नई दुनिया’ एवं ‘मूलमंत्र’ अखबार के जिला प्रतिनिधि, सक्ती निवासी पत्रकार राहुल अग्रवाल हैं। पीड़ित पत्रकार का कहना है कि जब एक जागरूक पत्रकार, जो रोज़ जनता की आवाज़ उठाता है, उसके साथ इस तरह का व्यवहार किया जा रहा है, तो आम उपभोक्ता की स्थिति की कल्पना सहज ही की जा सकती है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 10 जनवरी को Kia Seltos HTK (O) मॉडल वाहन की बुकिंग हेतु ₹10,000 की टोकन राशि विधिवत Kia शोरूम के खाते में जमा की गई, जिसकी रसीद ग्राहक के पास सुरक्षित है। इसके बाद सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करते हुए 23 जनवरी को बैंक ऑफ बड़ौदा, सक्ती शाखा से डीओ लेटर भी जारी कराया गया, जिसकी प्रति भी उपलब्ध है।
इसके बावजूद 27 जनवरी तक वाहन की डिलीवरी नहीं दी गई। आरोप है कि Kia रायगढ़ के सेल्स डिपार्टमेंट के प्रतिनिधि अरविंद यादव द्वारा लगातार आश्वासन देकर मामले को टालमटोल किया जाता रहा। समय बीतता चला गया और ऑटो एक्सपो योजना की वैधता समाप्त होने की स्थिति बनती चली गई।
इस पूरे मामले में सबसे अहम तथ्य यह है कि पीड़ित पत्रकार के पास Kia रायगढ़ के सेल्स प्रतिनिधि अरविंद यादव से बुकिंग के प्रथम दिन से लेकर डीओ लेटर भेजे जाने और उसके बाद डिलीवरी में टालमटोल तक की संपूर्ण कॉल रिकॉर्डिंग सुरक्षित है। इन रिकॉर्डिंग्स में यह स्पष्ट रूप से सामने आता है कि उपभोक्ता द्वारा शोरूम की सभी शर्तें स्वीकार कर विधिवत बुकिंग कराई गई, इसके बावजूद वाहन के लिए लगातार भटकाया जा रहा है।
जब इस गंभीर मामले को लेकर शोरूम के जीएम जफर खान से संपर्क किया गया, तो वहां से भी कोई स्पष्ट या जिम्मेदाराना जवाब नहीं दिया गया। सवाल यह है कि जब टोकन राशि, डीओ लेटर और बातचीत के पुख्ता प्रमाण मौजूद हैं, तो वाहन आखिर कहां है और डिलीवरी क्यों रोकी जा रही है?
शोरूम की इस लापरवाही के चलते ग्राहक को न केवल मानसिक तनाव झेलना पड़ रहा है, बल्कि आरटीओ एवं इंश्योरेंस पर मिलने वाली 50 प्रतिशत शासकीय छूट भी हाथ से निकलने की कगार पर है। यदि यह छूट समाप्त होती है, तो उससे होने वाले आर्थिक नुकसान की भरपाई कौन करेगा—ग्राहक या Kia Mousa रायगढ़?
उपभोक्ता अधिकारों के जानकारों के अनुसार, यह मामला केवल डिलीवरी में देरी का नहीं, बल्कि सेवा में गंभीर कमी, मानसिक उत्पीड़न और उपभोक्ता के साथ छल की श्रेणी में आता है।
पीड़ित पत्रकार ने स्पष्ट कहा है कि यदि ऑटो एक्सपो के अंतर्गत शीघ्र ही वाहन की डिलीवरी नहीं दी गई और तो शासकीय छूट से होने वाले नुकसान की भरपाई kia मौसा जी रायगढ़ की होगी,अन्यथा पीड़ित पत्रकार
👉 उपभोक्ता फोरम में शिकायत,
👉 कानूनी नोटिस,
👉 जिला प्रशासन एवं परिवहन विभाग से जांच की मांग,
👉 तथा Kia कंपनी के राष्ट्रीय स्तर के उच्च प्रबंधन से शिकायत
करने को बाध्य होंगे।
मामले के सामने आने के बाद Kia ब्रांड और मौसा जी Kia रायगढ़ की कार्यसंस्कृति पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन एवं कंपनी प्रबंधन से मांग की जा रही है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी आम नागरिक के साथ इस तरह की स्थिति उत्पन्न न हो।






